डेस्कः प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नागपुर जोनल ऑफिस की कार्रवाई में कॉरपोरेट पावर लिमिटेड और इसके प्रमोटर्स की 67.79 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां जब्त की हैं। ये कार्रवाई 11 हजार करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी (Bank Fraud) के मामले में की गई है।
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मनोज जयसवाल और परिवार की संपत्तियां जब्त
ED के मुताबिक जिन लोगों की संपत्तियां जब्त की गई हैं, उनमें कंपनी के डायरेक्टर्स मनोज जयसवाल,अभिजीत जयसवाल,अभिषेक जयसवाल और उनके करीबी संतोष जैन के नाम जुड़े हैं। जब्त की गई संपत्तियां महाराष्ट्र, कोलकाता, दिल्ली और आंध्र प्रदेश में फैली हुई हैं। इनमें जमीन,बिल्डिंग,फ्लैट,कमर्शियल स्पेस और बैंक बैलेंस शामिल हैं. जांच एजेंसी का कहना है कि ये संपत्तियां अवैध कमाई (Proceeds of Crime) से खरीदी गई थीं।
ED, Hyderabad has provisionally attached movable and immovable properties worth Rs.12.65 Crore belonging to M/s Sahiti Infratec Ventures India Pvt. Ltd. (SIVIPL), its former Director, Sandu Purnachandra Rao, his family members & entities under PMLA, 2002 in the case of defrauding…
— ED (@dir_ed) October 24, 2025
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CBI की FIR के आधार पर शुरू हुई जांच
ED ने ये जांच CBI की एक FIR के आधार पर शुरू की थी, जो कॉरपोरेट पावर लिमिटेड और उसके डायरेक्टर्स के खिलाफ दर्ज की गई थी। आरोप है कि कंपनी ने अभिजीत ग्रुप के नाम पर झारखंड में 1080 मेगावाट का कोयला आधारित पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए बैंक से लोन लिया था, लेकिन उसने गलत दस्तावेज़ और फर्जी आंकड़े दिखाकर यह कर्ज हासिल किया और फिर पैसों को इधर-उधर कर दिया।
ED, Ranchi has filed its fourth Supplementary Prosecution Complaint (PC) on 22.10.2025 before the Hon’ble Special PMLA Court, Ranchi, in the ongoing money laundering investigation into a massive corruption syndicate within the Rural Works Department, Government of Jharkhand in…
— ED (@dir_ed) October 24, 2025
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800 से ज्यादा शेल कंपनियों से किया मनी लॉन्ड्रिंग
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत के अनुसार कंपनी ने प्रोजेक्ट की लागत गलत बताकर कई बैंकों से कर्ज लिया। फिर उस लोन की रकम को 800 से ज्यादा शेल कंपनियों और 5000 बैंक खातों के जरिए घुमाया और गबन किया। नतीजा ये हुआ कि कंपनी का खाता 2013-14 में NPA (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) बन गया और बैंक को करीब 11,379 करोड़ रुपये (ब्याज सहित) का नुकसान हुआ।
ED, Nagpur has provisionally attached movable and immovable properties worth Rs. 67.79 Crore on 16.10.2025 in the form of bank balances, lands, buildings, Flats, commercial space, situated across Maharashtra, Kolkata, Delhi and Andhra Pradesh in the name of Manoj Jayaswal, his…
— ED (@dir_ed) October 24, 2025
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पहले भी हो चुकी है छापेमारी
इससे पहले ED ने नागपुर, कोलकाता और विशाखापट्टनम में कई जगहों पर छापेमारी की थी। उस दौरान एजेंसी ने महत्वपूर्ण दस्तावेज़, डिजिटल डिवाइस, कैश, शेयर, चुअल फंड्स और फिक्स्ड डिपॉजिट्स जब्त किए थे। अब तक इस केस में ED कुल 571 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच या फ्रीज कर चुकी है। ED का कहना है कि इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बाकी रकम किन चैनलों से ट्रांसफर या छिपाई गई थी।




