11000 करोड़ के बैंक फ्रॉड का झारखंड कनेक्शन, 800 शेल कंपनियां और 5000 खाते से किया गबन, ED ने कसा शिकंजा

11000 करोड़ के बैंक फ्रॉड का झारखंड कनेक्शन, 800 शेल कंपनियां और 5000 खाते से किया गबन, ED ने कसा शिकंजा

डेस्कः प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नागपुर जोनल ऑफिस की कार्रवाई में कॉरपोरेट पावर लिमिटेड और इसके प्रमोटर्स की 67.79 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां जब्त की हैं। ये कार्रवाई 11 हजार करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी (Bank Fraud) के मामले में की गई है।

टेंडर घोटाले में ED की कार्रवाईः तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम के आप्त सचिव संजीव लाल की पत्नी समेत 8 के खिलाफ आरोप पत्र दायर
मनोज जयसवाल और परिवार की संपत्तियां जब्त
ED के मुताबिक जिन लोगों की संपत्तियां जब्त की गई हैं, उनमें कंपनी के डायरेक्टर्स मनोज जयसवाल,अभिजीत जयसवाल,अभिषेक जयसवाल और उनके करीबी संतोष जैन के नाम जुड़े हैं। जब्त की गई संपत्तियां महाराष्ट्र, कोलकाता, दिल्ली और आंध्र प्रदेश में फैली हुई हैं। इनमें जमीन,बिल्डिंग,फ्लैट,कमर्शियल स्पेस और बैंक बैलेंस शामिल हैं. जांच एजेंसी का कहना है कि ये संपत्तियां अवैध कमाई (Proceeds of Crime) से खरीदी गई थीं।

 

धनबाद में जयराम महतो की पार्टी के नेता और हाइवा मालिक में हिंसक झड़प, JLKM समर्थक ने की आत्मदाह करने की कोशिश, पुलिस का पथराव
CBI की FIR के आधार पर शुरू हुई जांच
ED ने ये जांच CBI की एक FIR के आधार पर शुरू की थी, जो कॉरपोरेट पावर लिमिटेड और उसके डायरेक्टर्स के खिलाफ दर्ज की गई थी। आरोप है कि कंपनी ने अभिजीत ग्रुप के नाम पर झारखंड में 1080 मेगावाट का कोयला आधारित पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए बैंक से लोन लिया था, लेकिन उसने गलत दस्तावेज़ और फर्जी आंकड़े दिखाकर यह कर्ज हासिल किया और फिर पैसों को इधर-उधर कर दिया।

लोहरदगा में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या का मामला, झारखंड हाईकोर्ट ने मांगा डायन और जादू-टोना के केस का ब्योरा
800 से ज्यादा शेल कंपनियों से किया मनी लॉन्ड्रिंग
यून‍ियन बैंक ऑफ इंड‍िया की शिकायत के अनुसार कंपनी ने प्रोजेक्ट की लागत गलत बताकर कई बैंकों से कर्ज लिया। फिर उस लोन की रकम को 800 से ज्यादा शेल कंपनियों और 5000 बैंक खातों के जरिए घुमाया और गबन किया। नतीजा ये हुआ कि कंपनी का खाता 2013-14 में NPA (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) बन गया और बैंक को करीब 11,379 करोड़ रुपये (ब्याज सहित) का नुकसान हुआ।


भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल के 5 डॉक्टरों के खिलाफ FIR, गलत इलाज करने का आरोप
पहले भी हो चुकी है छापेमारी
इससे पहले ED ने नागपुर, कोलकाता और विशाखापट्टनम में कई जगहों पर छापेमारी की थी। उस दौरान एजेंसी ने महत्वपूर्ण दस्तावेज़, डिजिटल डिवाइस, कैश, शेयर, चुअल फंड्स और फिक्स्ड डिपॉजिट्स जब्त किए थे। अब तक इस केस में ED कुल 571 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच या फ्रीज कर चुकी है। ED का कहना है कि इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बाकी रकम किन चैनलों से ट्रांसफर या छिपाई गई थी।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now