रांचीः भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान युवक की मौत होने पर परिजनों ने पांच डॉक्टरों के खिलाफ सदर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इनमें क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डॉक्टर विजय कुमार मिश्रा, नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉक्टर पंकज मिश्रा, गैस्ट्रो के डॉक्टर अंतरिक्ष कुमार, मेडिसिन के डॉक्टर राजेश कुमार और नेफ्रोलॉजी के डॉक्टर उत्कर्ष मिश्रा को नामजद आरोपी बनाया गया है।
मनिका विधायक रामचंद्र सिंह के निर्वाचन को चुनौती देनेवाली याचिका खारिज, झारखंड हाईकोर्ट ने रिकार्ड समय में सुनाया फैसला
मृतक तुहिन राज के पिता भोला पांडे ने एफआईआर में कहा है कि उनका बेटा दिल्ली के अंबेडरक यूनिवर्सिटी का छात्र है। वे यहां सेल सिटी में रहते है। तुहिन को कमजोरी की शिकायत के बाद तीन सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया।डॉक्टरों ने चार सितंबर को बताया कि उसे टाइफाइड हुआ है। लेकिन पांच सितंबर को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे जनरल वार्ड से एचडीएम में शिफ्ट कर दिया गया। फिर आईसीयू ले जाया गया। सीटी स्कैन, डायलिसिस और कई अन्य टेस्ट किए गए। गलत इलाज के कारण उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। 12 सितंबर को डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन के खिलाफ शिकायत, टेंडर शर्तो को बदलने की ACB से जांच कराने की मांग
एफआईआर में कहा गया है कि तुहिन राज की तबीयत बिगड़ने पर एसे दिल्ली ले जाना चाहते थे। इसके लिए परिजनों ने डॉक्टर पंकज मिश्रा से संपर्क कर रेफर करने को कहा। लेकिन उन्होंने मदद नहीं की। कहा कि वे खुद के रिस्क पर ले जा सकते हैं। कहीं कुछ हुआ तो वे इसके लिए जिम्मेदार होंगे। फिर उन्होंने किसी एक्सपर्ट डॉक्टर से संपर्क करने का अनुरोध किया। इससे भी डॉक्टरों ने इंकार कर दिया। कहा कि यहां सभी तरह के एक्सपर्ट हैं। किसी दूसरी जगह बात करने की जरूरत नहीं है। इस मामले पर जब अस्पताल के क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डॉक्टर विजय कुमार मिश्रा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि फिलहाल मैं बाहर हूं। यह काफी पुरानी बातें हैं। काफी लंबी कहानी है। कैसे ट्रीटमेंट हुआ, यह देखूंगा। अभी कुछ बोल पाना संभव नहीं है।








