पटना: नृत्य की लय, संगीत की मधुरता और नाटक की गहराई ने रचा अद्भुत समां — BIT पटना का वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव “झलक 2025” पूरे हर्ष और उमंग के साथ कॉलेज परिसर में संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन ने कला, संस्कृति और रचनात्मकता का शानदार संगम पेश किया, जिससे पूरा परिसर उल्लास और ऊर्जा से भर उठा।
दीप प्रज्वलन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसे निदेशक प्रो. (डॉ.) आनंद कुमार सिन्हा, मेंटर डॉ. प्रेमलता सिंह, डॉ. नैयर इक़बाल और झलक के सचिव पुष्पक द्विवेदी ने संयुक्त रूप से संपन्न किया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार श्रीमती त्रिशा कुमार, डॉ. श्रीधर, डॉ. के.पी. तिवारी, प्रो. सुशील कुमार, डॉ. बिनय भूषण सहित कई वरिष्ठ शिक्षकगण उपस्थित रहे और उन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन किया। निदेशक प्रो. (डॉ.) आनंद कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि “ऐसे सांस्कृतिक आयोजन छात्रों में आत्मविश्वास, टीमवर्क और नेतृत्व की भावना विकसित करते हैं, जो उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण के लिए आवश्यक है।”
बढ़ती है टीम भावना
डॉ. प्रेमलता सिंह ने कहा, “प्रतीबिंब सोसाइटी छात्रों को अपनी कलात्मक क्षमताओं को पहचानने और निखारने का मंच प्रदान करती है। मृदंग, नृत्यांग, दर्पण और तरंग जैसे क्लब न केवल सांस्कृतिक प्रतिभा को उभारते हैं, बल्कि उनमें टीम भावना और आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि “हमें गर्व है कि हमारे छात्र न केवल संस्थान में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी कला का परचम लहरा रहे हैं — यही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।”
नृत्यांग क्लब की प्रस्तुति ने बाँधा समां
कार्यक्रम की शुरुआत नृत्यांग क्लब के रंगारंग नृत्य से हुई। शास्त्रीय नृत्य की गरिमा और वेस्टर्न डांस की ऊर्जा से भरी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समूह नृत्य में ताल, परिधान और अभिव्यक्ति का शानदार तालमेल देखने को मिला, जबकि सोलो परफॉर्मेंस ने दर्शकों की जोरदार तालियाँ बटोरीं।
मृदंग क्लब के संगीत ने जगाई सुरों की लहर
इसके बाद मृदंग क्लब की गायन और इंस्ट्रुमेंटल प्रस्तुतियों ने माहौल को सुरमयी बना दिया। गिटार, तबला और कीबोर्ड की धुनों ने ऐसा सामंजस्य रचा कि पूरा सभागार संगीत के सागर में डूब गया। हर सुर में छात्रों की लगन और समर्पण झलक रहा था।
र्पण क्लब के नाटक ने छोड़ी गहरी छाप
दर्पण क्लब की प्रस्तुति में सामाजिक मुद्दे को रचनात्मक ढंग से पेश किया गया। संवेदना, हास्य और यथार्थ के मेल ने नाटक को प्रभावशाली बनाया। सशक्त अभिनय और संवादों ने दर्शकों के दिलों को छू लिया और हॉल तालियों से गूंज उठा।
समापन और धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में वोट ऑफ थैंक्स प्रस्तुत किया गया, जिसमें सभी अतिथियों, शिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।
झलक 2025” ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि BIT पटना केवल तकनीकी उत्कृष्टता का संस्थान नहीं, बल्कि कला, संस्कृति और सृजनशीलता का भी सशक्त केंद्र है।











