डेस्कः भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सीतामढ़ी के भिठ्ठामोड़ के समीप नेपाल के भंसार कार्यालय के निकट नेपाल की सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) द्वारा भारतीय पर्यटकों के साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार का वीडियो वायरल होने के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि नेपाली पुलिस बल भारतीय यात्रियों से उनके वाहन के कागजात और यात्रा के उद्देश्य को लेकर धक्का-मुक्की करते हुये तीखे और अपमानजनक ढंग से पूछताछ कर रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जनकपुरधाम की ओर जाने वाले पर्यटकों में भय और असहजता का माहौल बन गया है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों का यह रवैया दोनों देशों के बीच पुराने और गहरे सामाजिक-सांस्कृतिक रिश्तों को ठेस पहुंचा सकता है। भारत-नेपाल का पारंपरिक ‘बेटी-रोटी’ संबंध अब ऐसे व्यवहारों के चलते खतरे में पड़ सकता है।
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नेपाल से लौटे कई पर्यटकों ने बताया कि जनकपुरधाम या अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा के दौरान नेपाल पुलिस और एपीएफ द्वारा बार-बार उनके वाहन को रोका गया, दस्तावेजों की जांच की गई और बेवजह सवाल-जवाब कर उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया। कुछ पर्यटकों ने यहां तक कहा कि उन्हें विदेशी पर्यटक समझकर दोयम दर्जे का व्यवहार झेलना पड़ा।
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इस घटना के बाद भिठ्ठामोड़ बॉर्डर पर नेपाल जाने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट देखी जा रही है। पहले जहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु जनकपुरधाम जाते थे, अब यह संख्या घटकर कुछ दर्जन रह गई है। व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ने लगा है।
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चिंता की बात यह है कि नेपाल की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। न ही भंसार कार्यालय और न ही सुरक्षा एजेंसियों ने इस विवाद पर कुछ कहा है, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील होती जा रही है।स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने नेपाल सरकार से मांग की है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही, भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए दोनों देशों के प्रशासन को आपसी समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता है।




