नेमरा: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नेमरा की पगडंडियों और जंगलों में दादा और पिता की याद सता रही है । हर दिन अंत्येष्ठि स्थल पर पहुंच दिशोम गुरु को याद कर रहे हैं , उन्होंने लिखा ” नेमरा की यह क्रांतिकारी और वीर भूमि, दादाजी की शहादत और बाबा के अथाह संघर्ष की गवाह है। यहां के जंगलों, नालों-नदियों और पहाड़ों ने क्रांति की उस हर गूंज को सुना है – हर कदम, हर बलिदान को संजोकर रखा है। नेमरा की इस क्रांतिकारी भूमि को शत-शत नमन करता हूँ। वीर शहीद सोना सोबरन मांझी अमर रहें! झारखण्ड राज्य निर्माता वीर दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें!”
गुरुवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु दिवंगत शिबू सोरेन के पारंपरिक श्राद्ध कर्म के दौरान ने “तीन कर्म” की परंपरा का निभाई गई । इस परंपरा में परिवार के सभी सदस्य शामिल हुए । 
हेमंत सोरेन परंपरा और मान्यताओं का पूरा ख्याल रख रहे हैं । बिना किसी लाव लश्कर और दिखावे के वे दिशोम गुरु के बेटे का फर्ज निभाते हुए सुबह जल्दी उठ जगह पहुंचते हैं जहां शिबू सोरेन पंचतत्व मेें विलिन हुए। छोटी सी बहती हुई नदी में नहाते हैं और फिर घर आते हैं । उनके साथ उनके परिवार के सदस्य होते हैं । नेमरा में लोगों का आने का तांता लगा है । परिवार के सदस्य जो दूर-दूर रहते हैं वे पहुंच चुके हैं । हेमंत सोरेन गांव के बड़े-बुजुर्गों से मिलकर पुरानी यादें साझा तो कर ही रहे हैं साथ ही दसकर्म और श्राद्ध की तैयारियों पर भी बात कर रहे हैं ।
बुधवारक को यानी की अंत्येष्ठि के दूसरे दिन बसंत सोरेन- हेमंत के साथ बैठे नजर आए । नेमरा में पूरी संताली परंपरा के साथ क्रियाकर्म हो रहा है । हेमंत सोरेन एक धोती का इस्तेमाल कर रहे हैं । खाने-पीने सहित तमाम चीजों का खास खयाल रखा जा रहा है । दिशोम गुरु के गांव नेमरा में हेमंत सोरेन साथ ये मुलाकात आदिवासी समाज की सामूहिकता का प्रतीक है । नेमरा में अनुभवी ग्रामीण दस कर्म और श्राद्ध को लेकर जो रिवाज चले आ रहे हैं उसकी पूरी जानकारी दे रहे हैं । हेमंत सोरेन भी अपने भाई बसंत सोरेन और मां रुपी सोरेन के साथ सभी के साथ सलाह मशविरा करते हुए दिख रहे हैं । मां रूपी सोरेन परिवार की सबसे बुजुर्ग हैं….इसलिए उनकी इजाजत के बिना किसी भी तरह का काम नहीं हो रहा है ।
शिबू सोरेन के निधन के बाद पांच अगस्त को नेमरा के उनके गांव में अंत्येष्ठि हुई । हजारों लोग दिशोम गुरु को अंतिम जोहार कहने के लिए पहुंचे थे । नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत देश भर से बड़ी संख्या में जाने-माने लोग नेमरा में पहुंच दिशोम गुरु को अंतिम जोहार कहा ।




