यूपी के अमरोहा में रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव आरिफपुर माफी में बुधवार सुबह रिश्तों का खून कर देने वाली वारदात सामने आई। गेहूं बेचने का विरोध करने पर बड़े भाई ने गंडासे से गर्दन काटकर बहन की हत्या कर दी। दिन निकलते ही इस सनसनीखेज घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हत्या के बाद आरोपी भाई घर से फरार हो गया, जिसे पुलिस ने कुछ ही घंटों में दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक, गांव निवासी स्व. हरि सिंह का परिवार पत्नी अनीता देवी, बेटों भूप सिंह और पुष्पेंद्र तथा बेटी रेखा के साथ रहता है। मंगलवार रात परिवार के सभी लोग घर के बरामदे में सो रहे थे। बुधवार सुबह करीब पांच बजे पुष्पेंद्र घर में रखी टंकी से गेहूं निकालने लगा। तभी आहट से उसकी बहन रेखा की नींद खुल गई। उसने विरोध किया और इसी बात पर दोनों में कहासुनी शुरू हो गई। गुस्से में बेकाबू पुष्पेंद्र ने पास रखा गंडासा उठाया और रेखा पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गर्दन कट जाने से रेखा की मौके पर ही मौत हो गई।
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हत्या के बाद आरोपी खेतों की ओर भाग गया। घटना की सूचना मिलते ही एएसपी अखिलेश भदौरिया और सीओ सिटी शक्ति सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ की और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतका के बड़े भाई भूपेंद्र की तहरीर पर आरोपी पुष्पेंद्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने खेत में छिपे हत्यारोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त गंडासा भी बरामद कर लिया। आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
पुष्पेंद्र की आंखों में मानों जैसे खून सवार था। उस वक्त जो भी उसके रास्ते में आता वह उसे हर हाल में खत्म कर डालता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक रेखा की गर्दन पर गंडासे से दो वार किए गए हैं, पुष्पेंद्र ने पहला वार ही भरपूर तरीके से किया, गंडासे की धार गर्दन के अंदर तक बैठती चली गई। खून की फुहार छूटते ही किए गए दूसरे वार ने फिर उसकी सांसों की डोर को थाम दिया।
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बहन का हत्यारोपी पुष्पेंद्र जब भी घर आता था उसका बहन-भाई से झगड़ा जरूर होता था। जब मां इसका विरोध करती तो वह आग-बबूला हो जाता। ग्रामीणों ने बताया कि बचपन से ही गुस्सैल प्रवृत्ति का पुष्पेंद्र गांव में भी हमेशा गुमसुम रहता था।
रेखा बचपन से ही होनहार थी। विपरीत पारिवारिक हालात के बीच उसने बीते साल ही स्थानीय एक डिग्री कॉलेज से एमए की पढ़ाई पूरी की थी। ग्रामीणों के मुताबिक पति हरि सिंह की मृत्यु के बाद से अनीता देवी अपनी इकलौती बेटी रेखा को लेकर फिक्रमंद रहती थीं। उसकी शादी को लेकर अनीता देवी ने सामान जोड़ना शुरू कर दिया था। रिश्ते की तलाश भी की जा रही थी।
छोटी बहन रेखा को मौत के घाट उतारने के बाद पुष्पेंद्र ने घर से भागने में जरा देर नहीं लगाई। मां अनीता देवी और बड़े भाई भूपेंद्र ने जब तक शोर मचाकर आसपास रहने वाले लोगों को जगाया तब तक वह घर से भाग चुका था। इसके बाद गांव में सनसनी फैल गई। नींद से जागे लोग घरों से निकलकर बाहर सड़क पर आ गए, इसके चलते पुष्पेंद्र को गांव से भागने का मौका नहीं मिला और वह खेतों में छिप गया। गांव में तलाश के बीच वह पुलिस ने एक खेत से गिरफ्तार कर लिया।
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