डेस्कः पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर खूब चर्चा और विवाद हो रहा है। पहले ममता मनर्जी के उम्मीदवार का चुनाव मैदान से बाहर चले जाना, फिर कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी के बाद अब ताजा मामला बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ के हलफनामे को लेकर सामने आया है। बीजेपी उम्मीदवार के हसीरानी रथ के हलफनामे में गड़बड़ी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।

हसीरानी रथ ने अपनी उम्र “60 साल से ऊपर” बताई है, लेकिन साथ ही यह भी लिखा है कि उन्होंने दसवीं की परीक्षा 1965 में पास की थी। यानी अगर उनकी उम्र सिर्फ 60 साल है, तो 1965 में तो उनका जन्म भी नहीं हुआ था। इस पूरे मामले को लेकर अब कांग्रेस ने चुनाव आयोग से जांच की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि हलफनामे में हासिरानी की उम्र 60 वर्ष बताई गई है, जबकि माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण करने का वर्ष 1965 दर्ज है। कांग्रेस ने दोनों जानकारियों में तालमेल नहीं होने का दावा करते हुए संबंधित दस्तावेजों की जांच की मांग की है।


पूरा मामला क्या है?
कोलकाता से मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हसीरानी रथ ने अपने नामांकन के हलफनामे में जन्म तारीख नहीं दी है। उन्होंने सिर्फ इतना लिखा है कि उनकी उम्र “60 साल से ऊपर” है। वहीं पढ़ाई के कॉलम में उन्होंने बताया है कि उन्होंने चौखाली गंगा पद्मा मिलन कन्या विद्यापीठ (एचएस) से दसवीं की परीक्षा पास की और इसका साल 1965 लिखा है।
अब सवाल यह है कि अगर 2026 में उनकी उम्र 60 साल है, तो उनका जन्म साल करीब 1966 बनता है, यानी दसवीं पास करने के एक साल बाद। वहीं अगर उनकी उम्र 65 साल मान ली जाए, तो जन्म साल 1961 होगा, जिसका मतलब यह होगा कि उन्होंने सिर्फ चार साल की उम्र में दसवीं पास कर ली। दूसरी तरफ, अगर सामान्य तौर पर 14 से 16 साल की उम्र में दसवीं पास करने की बात मानें, तो 1965 के हिसाब से उनका जन्म साल 1949 से 1951 के बीच होना चाहिए, जिसका मतलब है कि उनकी असली उम्र करीब 75 से 77 साल होगी, न कि 60 साल।
भाजपा ने जन्म प्रमाणपत्र किया सार्वजनिक
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हलफनामे में वर्ष दर्ज करने में मुद्रण संबंधी त्रुटि हुई है। पार्टी के अनुसार हासिरानी वर्ष 1980 में दसवीं कक्षा में पढ़ती थीं। भाजपा ने उनके जन्म प्रमाणपत्र को भी सार्वजनिक किया है, जिसमें जन्मतिथि आठ जून 1965 दर्ज है।
हासिरानी के चुनावी कार्यालय के अनुसार उन्होंने इसी विद्यालय से दसवीं की परीक्षा दी थी। उस समय बंगाल में माध्यमिक परीक्षा शुरू नहीं हुई थी और स्कूल को माध्यमिक स्तर की मान्यता भी नहीं थी। इसलिए हलफनामे में उन्हें दसवीं कक्षा उत्तीर्ण बताया गया है। कार्यालय ने दावा किया कि हलफनामे में दी गई जानकारी स्कूल से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर दर्ज की गई और इसमें कोई असत्यता नहीं है।
बता दें कि नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, क्योंकि 2026 विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया। यह उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है। हसीरानी रथ, चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जो सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे और इसी साल मई में मध्यमग्राम में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।




