जमशेदपुरः हावड़ा से टाटानगर के बीच चलने वाली स्टील एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक यात्री के लिए यात्रा उस समय खतरनाक हो गयी, जब चलती ट्रेन पर पत्थर फेंके गये पत्थर लगने से 28 वर्षीय यात्री अमरीक सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में चोट लगी है। घायल युवक जमशेदपुर के मानगो स्थित कुंवर बस्ती का निवासी बताया जा रहा है। घटना सारडीह और झाड़ग्राम रेलवे स्टेशन के बीच हुई। घायल यात्री को इलाज के लिए झाड़ग्राम स्टेशन पर उतारा गया, जहां से उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। खड़गपुर रेल मंडल से मिली जानकारी में युवक के घायल होने और अस्पताल में भर्ती कराये जाने की पुष्टि हुई है।
डी-6 कोच में सफर कर रहा था अमरीक सिंह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमरीक सिंह हावड़ा-टाटानगर स्टील एक्सप्रेस के डी-6 कोच में यात्रा कर रहा था। ट्रेन जब सारडीह और झाड़ग्राम के बीच से गुजर रही थी, उसी दौरान उस पर पत्थर फेंके गये। इनमें से एक पत्थर अमरीक सिंह के सिर में लग गया, जिससे वह घायल हो गया।अचानक हुई इस घटना से ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी। यात्रियों के लिए यह समझना मुश्किल था कि चलती ट्रेन पर पत्थर कहां से और किसने फेंके।

घायल यात्री को झाड़ग्राम स्टेशन पर उतारा गया
पत्थर लगने से अमरीक सिंह के सिर में चोट लगने के बाद उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ी। इसके बाद उसे झाड़ग्राम रेलवे स्टेशन पर उतारने की व्यवस्था की गयी। स्टेशन से उसे इलाज के लिए झाड़ग्राम के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे भर्ती कराया गया है। खड़गपुर रेल मंडल की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, युवक के सिर में चोट लगी है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।हालांकि, उसकी चोट कितनी गंभीर है और फिलहाल उसकी स्वास्थ्य स्थिति कैसी है, इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आयी है।
यात्रियों के लिए गंभीर खतरा
चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। ट्रेन की खिड़की से पत्थर टकराने या किसी यात्री को लगने से चोट पहुंच सकती है। ऐसी घटनाओं में केवल संबंधित यात्री ही नहीं, बल्कि आसपास बैठे अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। स्टील एक्सप्रेस में अमरीक सिंह के घायल होने की घटना ने एक बार फिर रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यात्री ट्रेन में सफर करते समय सुरक्षित यात्रा की उम्मीद करते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
पत्थर किसने फेंका, इसकी जानकारी नहीं
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि स्टील एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी किसने की और इसके पीछे क्या कारण था। घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पत्थर फेंकने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान होने और घटना की परिस्थितियों का पता चलने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। संबंधित रेल अधिकारियों की ओर से जांच या आगे की कार्रवाई के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
आधिकारिक जानकारी का इंतजार
जमशेदपुर के मानगो स्थित कुंवर बस्ती निवासी अमरीक सिंह स्टील एक्सप्रेस से यात्रा कर रहा था, तभी वह पत्थरबाजी की घटना का शिकार हो गया।सिर में चोट लगने के बाद उसे झाड़ग्राम के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब उसकी स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण है। साथ ही, घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान और पत्थरबाजी के कारणों का पता लगाना भी जरूरी है।फिलहाल खड़गपुर रेल मंडल से मिली जानकारी के आधार पर घायल यात्री के अस्पताल में भर्ती होने की पुष्टि हुई है। मामले के अन्य पहलुओं पर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






