कैलेगरी/कनाडा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G-7 सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं । कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने उनका स्वागत किया । अमेरिकी राष्ट्रपति की ईरान-इजराइल युद्ध की वजह से जल्दी रवानगी के बाद नरेंद्र मोदी का आगमन हुआ है । इसलिए पीएम मोदी की डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात नहीं हो पाएगी । पीएम मोदी की कनाडा की यह यात्रा दोनों देशों के बीच रिश्तों में आई खटास के बाद बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है ।
प्रधानमंत्री @narendramodi का G7 Summit में कनाडा के Kananaskis, प्रधानमंत्री @MarkJCarney ने स्वागत किया #PMModiAtG7 #G7Summit #G7Summit2025 #G7Kananaskis #PMModiInCanada pic.twitter.com/aQpR8t7ZdQ
— Live Dainik (@Live_Dainik) June 17, 2025
मार्क कार्नी ने पीएम मोदी का स्वागत किया इसके बाद G-7 में आए दक्षिण अफ्रीका और मेक्सिको के नेताओं से प्रधानमंत्री ने मुलाकात की ।
Happy to interact with the President of South Africa, Mr. Cyril Ramaphosa at the G7 Summit.@CyrilRamaphosa pic.twitter.com/VfQhuysSmB
— Narendra Modi (@narendramodi) June 17, 2025

मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम से मोदी की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैक्सिको की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की और उन्हें ऐतिहासिक जीत पर व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। शीनबाउम मैक्सिको की पहली महिला राष्ट्रपति बनी हैं, जो दो शताब्दियों में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मैक्सिको के द्विपक्षीय संबंधों में अपार संभावनाएं हैं और आने वाले समय में यह साझेदारी और गहरी हो सकती है। दोनों नेताओं ने कृषि, सेमीकंडक्टर्स, क्रिटिकल मिनरल्स, स्वास्थ्य सेवाओं सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के मुद्दे पर बातचीत की।
इसके अलावा, दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि भारत-मेक्सिको के संबंधों का नया अध्याय इस ऐतिहासिक नेतृत्व के साथ और भी सशक्त होगा।
विशेष आमंत्रित देशों का स्वागत
मार्क कार्नी ने विशेष आमंत्रित देशों के नेताओं का स्वागत किया। इनमें भारत, ब्राज़ील, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, मैक्सिको, ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधि शामिल थे, साथ ही विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी भी मौजूद रहे। इन नेताओं को “आउटरिच” श्रेणी में आमंत्रित किया गया है और सभी ने ऊर्जा सुरक्षा पर केंद्रित एक कार्यकारी लंच बैठक में भाग लिया। बैठक का उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की स्थिरता और नवाचार को लेकर रणनीति पर चर्चा करना था।
ग्लोबल साउथ को लेकर अहम बैठक
हालांकि कार्यक्रम लगभग 90 मिनट की देरी से शुरू हुआ, लेकिन यह देरी ऐसे उच्चस्तरीय शिखर सम्मेलनों में आम बात मानी जाती है। इससे पहले सुबह, कार्नी और अन्य पांच प्रमुख G7 नेताओं ने NATO महासचिव मार्क रुटे और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध और यूरोपीय सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। G7 समिट में इस बार वैश्विक दक्षिण के साथ संवाद और सहयोग को नई दिशा देने के प्रयासों को अहम माना जा रहा है।




