रांचीः ट्रंप के टैरिफ से देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ने वाला तो है ही झारखंड के कारोबारियों खासतौर से तसर सिल्ल और लाह (लाख) से जुड़े उद्यमियों और लोगों पर इसका बुरा असर पड़ने वाला है। झारखंड पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा लाख उत्पादक देश है और झारखंड में इसमें अव्वल है । इतना ही नहीं भारत में सिल्क उत्पादन में झारखंड का स्थान नंबर वन है । इन दो चीजों के अलावा झारखंड से भारी उद्योगों से जु़ड़ी चीजें भी अमेरिका निर्यात होती है ।
ट्रंप के टैरिफ से झारखंड को नुकसान
सबसे पहले हम समझते हैं कि झारखंड से किस देश को कितना और क्या-क्या चीजें निर्यात की जाती हैं । पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में झारखंड का निर्यात लगभग $1.90 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्शाता है, हालांकि राज्य की राष्ट्रीय निर्यात हिस्सेदारी अब भी 0.43% पर सीमित है।
झारखंड से किन-किन देशों को निर्यात
2023-24 में झारखंड से होने वाले कुल निर्यात का 81.78% हिस्सा केवल 10 देशों को गया। इनमें प्रमुख देश हैं:
- बांग्लादेश (43.52%)
- इटली (6.88%)
- चीन (5.70%)
- अमेरिका (5.41%)
- नेपाल (5.08%)
- यूएई, मैक्सिको, वियतनाम, यूके और मलेशिया भी प्रमुख बाजार रहे।
प्रमुख निर्यात उत्पाद
राज्य ने कुल 103 वस्तुओं का निर्यात किया, लेकिन 10 प्रमुख वस्तुएं कुल निर्यात का 92.20% हिस्सा रहीं। इनमें से शीर्ष वस्तुएं हैं:
- इलेक्ट्रिकल एनर्जी (37.02%)
- वाहन के अन्य पुर्जे (6.91%)
- फ्लैट रोल्ड उत्पादों की शीट्स (6.30% और 4.02%)
- एग्लोमेरेटेड आयरन ओर पेलेट्स (2.79%)
- पाकुर स्टोन (2.57%)
- फेरो मैंगनीज़ और फेरो-सिलिको-मैंगनीज़ (मिलाकर ~4.5%)
- माइका, ग्रेनाइट, मशीनरी और रेडीमेड गारमेंट्स भी शामिल हैं
- लाख
- तसर सिल्क के वस्त्र
तसर सिल्क और लाख उत्पादकों को झटका
अमेरिका तक झारखंड के उत्पाद अलग-अलग माध्यमों से पहुंचते हैं । झारखंड का कच्चा माल दूसरे राज्यों में जाता है फिर वहां उसे एक्सपोर्ट किया जाता है । मिसाल के तौर पर तसर सिल्क के धागे यहां से जाते हैं फिर उसके वस्त्र बन कर जाते हैं । लाह या लाख का भी झारखंड से बहुतायत निर्यात किया जाता है और ज्यादातर माल अमेरिका में ही जाता है ।
अब आंकड़ों के जरिए समझाते हैं कि। भारत की अर्थव्यवस्था पर अमेरिका का कितना असर है । भारत अमेरिका से जितना आयाता करता है उससे दोगुना निर्यात करता है । मई तक अमेरिका से भारत का आयात व्यापार $41.8 अरब का था जबकि भारत से अमेरिका निर्यात हुआ $87.4 अरब डॉलर का । यानी दोगुना से भी अधिक ।
🇺🇸 अमेरिका से भारत को निर्यात (US Exports to India):
- कुल निर्यात मूल्य: $41.8 अरब
- मुख्य निर्यात वस्तुएं:
- खनिज ईंधन और तेल उत्पाद (Mineral fuels and oils): सबसे बड़ा हिस्सा, लगभग एक-तिहाई निर्यात इसी श्रेणी का था।
- मोती, कीमती पत्थर और सामग्री (Pearls, precious stones and materials)
- विमान (Aircraft)
- बिजली उपकरण (Electrical equipment)
- मशीनरी, बॉयलर, मैकेनिकल उपकरण
- ऑप्टिकल, रिकॉर्डिंग, मापन उपकरण
- प्लास्टिक, फल और मेवे, लोहे और इस्पात, अन्य रसायन आदि भी शामिल हैं।
🇮🇳 भारत से अमेरिका को आयात (US Imports from India):
- कुल आयात मूल्य: $87.4 अरब
- मुख्य आयात वस्तुएं:
- बिजली उपकरण (Electrical equipment): सबसे बड़ा आयात वर्ग।
- औषधीय उत्पाद (Pharmaceutical products): दूसरे स्थान पर।
- मोती, कीमती पत्थर और सामग्री (Pearls, precious stones and materials)
- मशीनरी, बॉयलर, मैकेनिकल उपकरण
- जैविक रसायन (Organic chemicals)
- खनिज ईंधन और तेल
- वस्त्र (जैसे कि बुने हुए कपड़े, कालीन, अन्य वस्त्र)
- मछली, रबर, फर्नीचर, वाहन के पुर्जे आदि भी महत्वपूर्ण हिस्से रहे।
जाहिर है ट्रंप के भारत पर 25 % टैरिफ लगाने के बाद भारत का निर्यात व्यापार पर बड़ा असर पड़ने वाला है और झारखंड के कारोबारियों पर भी इसका असर पड़ेगा ।




