जमशेदपुर: चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने आखिरकार जमशेदपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। लंबे समय से फरार चल रहे विश्वनाथ की तलाश पुलिस लगातार कर रही थी, लेकिन गिरफ्तारी से बचते हुए उसने सीधे अदालत में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूरे मामले में पूछताछ की तैयारी कर रही है।इस हत्याकांड ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे, क्योंकि वारदात पुलिस की मौजूदगी में हुई थी।
पुलिस की गिरफ्त से बचकर कोर्ट पहुंचा आरोपी
मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा इस मामले में पुलिस की सबसे बड़ी तलाश था। घटना के बाद से पुलिस लगातार उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। इसके बावजूद वह पुलिस के हाथ नहीं लगा। अंततः उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया. सरेंडर के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, ताकि घटना की पूरी साजिश, अन्य आरोपियों की भूमिका और हमले की योजना से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा किया जा सके।
27 जून की रात हुई थी सनसनीखेज वारदात
यह मामला 27 जून की रात का है, जब बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के नीचे पुलिस की जीप से दो युवकों को खींचकर उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया था। हमले में हिमांशु सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में उनकी मौत हो गई। वहीं दूसरे युवक प्रत्युष आनंद गंभीर रूप से घायल हुए, जिनका इलाज अब भी जारी है।उनकी हालत लंबे समय तक गंभीर बनी रही। इस वारदात ने पूरे जमशेदपुर को झकझोर दिया था। घटना जिस तरीके से अंजाम दी गई, उसने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ हमला
इस मामले का सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि घटना के समय पुलिस मौके पर मौजूद थी। आरोप है कि दोनों युवकों को पुलिस की जीप से बाहर निकालकर उन पर हमला किया गया, लेकिन हमलावरों को रोकने में पुलिस तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकी। घटना का वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सामने आने के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी तूल पकड़ लिया।पुलिस की भूमिका को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई।
वीडियो में दिखा था चापड़ से हमला
जांच के दौरान सामने आए वीडियो में विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा कथित रूप से चापड़ से हमला करते हुए दिखाई दिया था। उसके साथ कई अन्य लोग भी मौजूद थे। इसी आधार पर पुलिस ने उसे मुख्य आरोपी बनाया और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए। पुलिस का मानना है कि विश्वनाथ से पूछताछ के बाद घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और हमले की पूरी पृष्ठभूमि के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
11 आरोपी नामजद, नौ की हो चुकी गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस ने कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया है।अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विश्वनाथ मंडल के सरेंडर के बाद अब अधिकांश प्रमुख आरोपी पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में आ चुके हैं।हालांकि अभी भी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस सभी आरोपियों की भूमिका, आपसी संबंध और घटना की साजिश के पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
डीडी बार संचालक नीरज सिंह भी जेल में
इस हत्याकांड में डीडी बार के संचालक और भाजपा नेता नीरज सिंह को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें भी न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यदि पूछताछ के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो उसके अनुरूप केस को आगे बढ़ाया जाएगा।


