SSC GD Constable भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल, रिमोट एक्सेस से प्रश्न पत्र हल कर रहा था सॉल्वर गैंग, 6 गिरफ्तार

SSC GD Constable भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल, रिमोट एक्सेस से प्रश्न पत्र हल कर रहा था सॉल्वर गैंग, 6 गिरफ्तार

रांची: पिस्का मोड़ स्थित फ्यूचरिस्टिक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर एसएससी जीडी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा दे रहे छह अभ्यर्थियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनमें ऋषिकेश व राहुल सहित पांच अभ्यर्थी बिहार के और एक कोडरमा का है।
पहली शिफ्ट की परीक्षा के दौरान इन्वीजिलेटर ने देखा कि छह अभ्यर्थी कंप्यूटर स्क्रीन पर नजरें जमाए बैठा है। जबकि प्रश्न पत्र खुद सॉल्व हो रहा है। उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो तो चला कि ये छह कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस कहीं और था। सॉल्वर गैंग वहीं से प्रश्न पत्र हल कर रहा था। पुलिस ने इन सभी कंप्यूटर को जब्त कर लिया। गिरफ्तार अभ्यर्थियों को थाने में लाकर पूछताछ की गई। इसमें उन्होंने स्वीकार किया कि परीक्षा पास करने के लिए बिहार में बैठे सॉल्वर गैंग का सहारा लिया था। उन्होंने पुलिस को कई और अहम जानकारी दी है। इसके आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
हरियाणा का दीपक सॉल्वर गैंग का सरगना, केंद्र अधीक्षक भी शामिल: पुलिस जांच में पता चला है कि हरियाणा का दीपक शर्मा सॉल्वर गैंग का सरगना है। उसने बिहार के एक सरकारी कर्मचारी रमेश के माध्यम से केंद्र अधीक्षक राकेश कुमार को सेट किया। इसके बाद राकेश ने केंद्र के मालिक सौरभ आनंद, आईटी मैनेजर अजीत और इलेक्ट्रिशियन सोनू से संपर्क किया।
सेंटर एडमिन या आईपी हैंडलर की भूमिका संदिग्ध
रिमोट एक्सेस के जरिए दुनिया के किसी भी कोने में बैठा व्यक्ति आपके कंप्यूटर स्क्रीन को देख सकता है। उसे कंट्रोल कर सकता है। परीक्षा केंद्र का सिस्टम एंटी वायरस से सुरक्षित होता है। बिना एडमिन की अनुमति या सेटिंग्स में बदलाव किए रिमोट एप को इंस्टॉल या रन करना नामुमकिन है। इसे रिमोट एक्सेस एप-टीम व्यूअर, ऐमी ए​डमिन या एनिडेस्क और सेंटर के राउटर से हैंडल किया जा सकता है।
कई बार वीपीएन और वर्चुअल बॉक्स या वीएम केयर नाम के सॉफ्टवेयर से भी सिस्टम को हैंडल किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए एक्सटर्नल इंटरनेट की जरूरत होती है। इसलिए एडमिन या आईपी हैंडलर की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता।
परीक्षा से 25487 जीडी कॉन्स्टेबल की होगी भर्ती
पुलिस ने परीक्षा रद्द करने का आग्रह किया, नहीं माना
10 लाख में हुई थी डील, एक लाख एडवांस लिया थागिरफ्तार अभ्यर्थियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने सॉल्वर गैंग से 10-10 लाख रुपए में डील की थी। हर अभ्यर्थी ने एक-एक लाख रुपए एडवांस दिया था। साथ ही उनके ऑरिजनल डॉक्यूमेंट भी सॉल्वर गैंग ने अपने पास रख लिया था। रिजल्ट आने के दो दिन बाद पूरे पैसे देने की बात हुई थी। उनसे कहा गया था कि पैसे देने पर डॉक्यूमेंट दे दिए जाएंगे।
परीक्षा के माध्यम से बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी, आईटीबीपी व असम राइफल्स में 25487 जीडी कॉन्स्टेबल की ​भर्ती होनी है। इसके लिए एक दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक आवेदन लिए गए थे। 27 अप्रैल से परीक्षा चल रही है।पुलिस ने सेंटर को-ऑर्डिनेटर ने पार​दर्शिता बनाए रखने का हवाला देते हुए जांच पूरी होने तक दूसरे व तीसरे शिफ्ट की परीक्षा रद्द करने का आग्रह किया। लेकिन को-ऑर्डिनेटर ने इससे इनकार कर दिया। फिर पुलिस को अंडरटेकिंग देकर परीक्षा ली।

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