डेस्कः बिहार के लाल वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का करोड़ों फैंस इंतजार कर रहे है। शुक्रवार को आयरलैंड के खिलाफ पहले टी-20 मैच में वैभव सूर्यवंशी को टीम में जगह नहीं दी गई। नए कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला किया। जब उन्होंने प्लेइंग इलेवन के बारे में बताया तो उसमें वैभव सूर्यवंशी नहीं थे। वैभव सूर्यवंशी पहली बार टीम इंडिया में शामिल हुए हैं और फैंस उम्मीद जता रहे थे कि उन्हें आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में डेब्यू का मौका मिलेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 और श्रीलंका दौरे पर खेली गई ट्राई सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करके आए थे लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला।
वैभव सूर्यवंशी ने बताई टीम में शामिल नहीं करने की वजह
श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतने के बाद बताया कि आखिर क्यों वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका नहीं मिला। श्रेयस अय्यर ने कहा, ‘सूर्यवंशी कमाल के खिलाड़ी हैं लेकिन इस मैच में वो बेंच पर बैठे हैं। हमने अपने अनुभवी खिलाड़ियों को ही टीम में बरकरार रखने का फैसला किया है। वक्त आने पर सूर्यवंशी को मौका मिलेगा’।बता दें टीम इंडिया के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने भी संकेत दे दिया था कि सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि अगर सूर्यवंशी को मौका दिया जाएगा तो फिर उन खिलाड़ियों को कहां मौका मिलेगा जो पहले से ही रन बना रहे हैं।
भारत की प्लेइंग इलेवन
अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा।
भारतीय मूल के तेज गेंदबाज को मौका
वैभव सूर्यवंशी को भले ही डेब्यू का मौका नहीं मिला लेकिन आयरलैंड ने भारतीय मूल के तेज गेंदबाज को प्लेइंग इलेवन में जगह दी। इस तेज गेंदबाज का नाम जय मूंद्रा है जो कि राजस्थान से ताल्लुक रखते हैं। बाएं हाथ का ये तेज गेंदबाज गेंद को दोनों ओर स्विंग कराने में माहिर है। मूंद्रा 24 साल की उम्र में आयरलैंड गए थे और अब वो इस टीम के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट भी खेल रहे हैं।
आयरलैंड की प्लेइंग इलेवन
टिम टैक्टर, रॉय एडेयर, हैरी टैक्टर, लॉर्कन टकर, बेंजमिन कैलिट्ज, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, लियम मैकार्थी, मैथ्यू हम्फ्रेज़, जय मूंद्रा, मैथ्यू होलार्ड
15 साल की उम्र में कोई बल्लेबाज आईपीएल में 776 रन बना देता है। 72 छक्के उड़ाता है. दुनिया के कई नामी गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी करता है। इसके बाद श्रीलंका में 11 गेंदों पर लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक जड़ देता है। अंडर-19 स्तर पर भारत समेत सात देशों में शतक लगा चुका होता है। इसके बावजूद अगर उसे सिर्फ बेंच पर बैठकर इंतजार करना पड़े, तो सवाल उठना लाजिमी है- आखिर टीम इंडिया की जर्सी पहन कर पिच पर उतरने के लिए अब और क्या करना होगा?


