गांव से चल रही हैं हेमंत की सरकार, नेमरा में मुख्यमंत्री ने लिया दिशोम गुरू के सपनों को पूरा करने का संकल्प

गांव से चल रही हैं हेमंत की सरकार, नेमरा में मुख्यमंत्री ने लिया दिशोम गुरू के सपनों को पूरा करने का संकल्प

रांचीः दिशोम गुरु शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार के बाद मुख्यमंत्री अपने पैतृक गांव रामगढ़ जिला के नेमरा गांव में है। पिछले चार दिनों से नेमरा गांव से ही राज्य की सरकार का संचालन हो रहा है। मुख्यमंत्री के साथ सरकार के आलाधिकारी नेमरा गांव में ही डेरा डाले हुए है। अपने पैतृक आवास में ही रहकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकारी कामकाज का निपटारा कर रहे है।

कल्पना सोरेन ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को लेकर किया भावनात्मक पोस्ट, कहा-‘बाबा आपके सपनों को जीना अब हमारा धर्म है’
शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट किया। जिसमें मुख्यमंत्री फाइलों पर साइन करते नजर आ रहे है। मुख्यमंत्री ने उस तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा कि बाबा दिशोम गुरु के हर सपने को पूरा करेगा उनका बेटा। मुख्यमंत्री ने आगे लिखा कि हमारे वीर पुरखों का संघर्ष और बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा।

 

शिबू के गांव नेमरा में अपनों के साथ हेमंत की रात! कुछ मुलाकातें, कुछ बातें और बचपन की यादें…
मुख्यमंत्री के इस पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए ऑफिस ऑफ चीफ मिनिस्टर झारखंड यानी कि मुख्यमंत्री कार्यालय के सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा गया कि पिता साथ नहीं हैं, मगर शोक में डूबा बेटा, राज्य के मुखिया अपना परम कर्तव्य भी निभा रहे हैं। इसके साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा कि क्योंकि दिशोम गुरुजी के लिए भी झारखंड सर्वोपरि था। वीर दिशोम गुरू शिबू सोरेन अमर रहें। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस पोस्ट को लेकर कई प्रतिक्रियाएं भी आई जिसमें दुःख के इस घड़ी में मुख्यमंत्री का राज्य की जनता के प्रति इस कर्तव्य की खूब सराहना हो रही है।

शिबू सोरेन के सरेंडर करने की दिलचस्प कहानी, ये IAS अधिकारी नहीं होते तो एनकाउंट में मारे जाते दिशोम गुरू
झारखंड आंदोलनकारी शिबू सोरेन जिन्हें झारखंड राज्य का निर्माता भी कहा जाता है, उनका एक सपना था कि राज्य की सरकार गांव से चले। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हमेशा अपने संबोधन में इस बात को कहा करते है कि ये सरकार गांव से चलेगी। सरकार की योजनाओं पर पहला अधिकार गांव के लोगों, गरीबों एवं शोषित वंचितों का है। मुख्यमंत्री इन दिनों अपने गांव में है और 17 अगस्त ने अपने पिता के श्राद्धकर्म को लेकर गांव में ही रहेंगे। गांव में रहने के दौरान वो एक बेटे का फर्ज भी निभा रहे है और एक राज्य के मुखिया होने का फर्ज भी बहुत अच्छे से निभा रहे है। मुख्यमंत्री ने अपने इस पोस्ट के माध्यम से एक संदेश ये भी देने की कोशिश की है कि राज्य की सरकार गांव से चलती थी, चल रही है और आगे भी चलती रहेगी। दिशोम गुरू के सपनों के झारखंड को वो गांव की सरकार के माध्यम से बनाने का काम करेंगे।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now