रांचीः दिशोम गुरु शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार के बाद मुख्यमंत्री अपने पैतृक गांव रामगढ़ जिला के नेमरा गांव में है। पिछले चार दिनों से नेमरा गांव से ही राज्य की सरकार का संचालन हो रहा है। मुख्यमंत्री के साथ सरकार के आलाधिकारी नेमरा गांव में ही डेरा डाले हुए है। अपने पैतृक आवास में ही रहकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकारी कामकाज का निपटारा कर रहे है।
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शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट किया। जिसमें मुख्यमंत्री फाइलों पर साइन करते नजर आ रहे है। मुख्यमंत्री ने उस तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा कि बाबा दिशोम गुरु के हर सपने को पूरा करेगा उनका बेटा। मुख्यमंत्री ने आगे लिखा कि हमारे वीर पुरखों का संघर्ष और बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा।
बाबा दिशोम गुरु के हर सपने को पूरा करेगा उनका बेटा...
हमारे वीर पुरुखों का संघर्ष और बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा। pic.twitter.com/Ac2p1LcMjK
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 8, 2025
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मुख्यमंत्री के इस पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए ऑफिस ऑफ चीफ मिनिस्टर झारखंड यानी कि मुख्यमंत्री कार्यालय के सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा गया कि पिता साथ नहीं हैं, मगर शोक में डूबा बेटा, राज्य के मुखिया अपना परम कर्तव्य भी निभा रहे हैं। इसके साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा कि क्योंकि दिशोम गुरुजी के लिए भी झारखंड सर्वोपरि था। वीर दिशोम गुरू शिबू सोरेन अमर रहें। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस पोस्ट को लेकर कई प्रतिक्रियाएं भी आई जिसमें दुःख के इस घड़ी में मुख्यमंत्री का राज्य की जनता के प्रति इस कर्तव्य की खूब सराहना हो रही है।
पिता साथ नहीं हैं, मगर शोक में डूबा बेटा, राज्य के मुखिया अपना परम कर्तव्य भी निभा रहे हैं। pic.twitter.com/kB5BaJaPYL
— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) August 8, 2025
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झारखंड आंदोलनकारी शिबू सोरेन जिन्हें झारखंड राज्य का निर्माता भी कहा जाता है, उनका एक सपना था कि राज्य की सरकार गांव से चले। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हमेशा अपने संबोधन में इस बात को कहा करते है कि ये सरकार गांव से चलेगी। सरकार की योजनाओं पर पहला अधिकार गांव के लोगों, गरीबों एवं शोषित वंचितों का है। मुख्यमंत्री इन दिनों अपने गांव में है और 17 अगस्त ने अपने पिता के श्राद्धकर्म को लेकर गांव में ही रहेंगे। गांव में रहने के दौरान वो एक बेटे का फर्ज भी निभा रहे है और एक राज्य के मुखिया होने का फर्ज भी बहुत अच्छे से निभा रहे है। मुख्यमंत्री ने अपने इस पोस्ट के माध्यम से एक संदेश ये भी देने की कोशिश की है कि राज्य की सरकार गांव से चलती थी, चल रही है और आगे भी चलती रहेगी। दिशोम गुरू के सपनों के झारखंड को वो गांव की सरकार के माध्यम से बनाने का काम करेंगे।




