रांची: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को लेकर बड़ा संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं से केवल धैर्य रखने की अपील नहीं कर रही, बल्कि उनका विश्वास चाहती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परीक्षा व्यवस्था में ऐसे व्यापक सुधार किए जाएंगे, जिससे अभ्यर्थियों का सिस्टम पर विश्वास मजबूत हो और देश झारखंड की परीक्षा व्यवस्था का उदाहरण दे।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “मैं झारखंड के युवाओं से केवल धैर्य नहीं मांगता, मैं उनका विश्वास मांगता हूं। उस विश्वास को बनाए रखना मेरी सरकार की जिम्मेदारी है।”


समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर पर जोर
हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है। सरकार का लक्ष्य समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर तैयार करना है, ताकि अभ्यर्थियों को यह स्पष्ट जानकारी मिल सके कि कौन सी परीक्षा कब होगी और भर्ती प्रक्रिया किस समय-सीमा में आगे बढ़ेगी।

उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और तकनीक-सुरक्षित बनाने की बात भी कही। इसके साथ ही उत्तर-कुंजी और OMR शीट की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पूरी परीक्षा प्रक्रिया में बहु-स्तरीय जवाबदेही तय करने का भरोसा दिलाया।

JPSC-JSSC में बड़ी नियुक्तियों का ऐलान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में JPSC, JSSC और अन्य भर्ती एजेंसियों के माध्यम से बड़ी संख्या में नियुक्ति प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नियुक्तियां करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें युवाओं को अवसर भी मिले और भर्ती प्रक्रिया पर उनका भरोसा भी मजबूत हो।
रोजगार को बताया सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
हेमंत सोरेन ने रोजगार को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी विभागों में खाली पदों को भरना नहीं है, बल्कि झारखंड में रोजगार के व्यापक अवसर तैयार करना है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक आने वाले समय में उद्योग, MSME, कृषि, डेयरी, मत्स्य, पर्यटन, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जाएंगे।
‘छात्रों की बात, छात्रों के साथ’ अभियान
मुख्यमंत्री ने परीक्षा सुधार की प्रक्रिया में विद्यार्थियों की भागीदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने “छात्रों की बात, छात्रों के साथ”अभियान शुरू किया है।
उन्होंने झारखंड के प्रत्येक विद्यार्थी, शिक्षक, शिक्षाविद और अभिभावक से इस अभियान का सहभागी बनने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज और विद्यार्थियों की सहभागिता भी जरूरी है।
‘अगले 25 वर्षों के झारखंड की सबसे बड़ी ताकत युवा’
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने युवाओं को झारखंड के भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की विरासत उसकी पहचान है, लेकिन युवा उस पहचान को भविष्य देते हैं।
हेमंत सोरेन ने कहा कि यदि झारखंड को अगले 25 वर्षों के लिए मजबूत और विकसित राज्य बनाना है तो युवाओं को अवसर, रोजगार और भरोसेमंद व्यवस्था देना जरूरी होगा।
मुख्यमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में परीक्षा सुधार और रोजगार को लेकर किए गए ये ऐलान ऐसे समय में अहम हैं, जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर अभ्यर्थी लगातार पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही की मांग करते रहे हैं।







