Hemant Soren is Back: झारखंड की राजनीति में बुधवार महत्वपूर्ण दिन था। करीब पांच माह जेल से छूटने के बाद हेमंत सोरेन फिर से मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। चंपाई सोरेन ने इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभालने का अनुरोध किया है।
लेकिन इस बीच भाजपा के लिए एक नया मुद्दा मिल गया है। जैसे ही चंपाई सोरेन ने इस्तीफा दिया, भाजपा के सभी नेताओं ने जोरदार तरीके से इस मुद्दे उठाते हुए इसे चंपाई सोरेन का अपमान बता दिया। यहां तक कि झारखंड प्रदेश प्रभारी और उप प्रभारी ने इसे चंपाई सोरेन का अपमान बताते हुए हेमंत सोरेन को घोरा भी।
बीजेपी नेता Lal Krishna Advani की फिर बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती
हेमंत सोरेन 3.0 की सरकार बनेगी
बुधवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास, झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के निजी आवास और राजभवन पर केंद्रित रही। हेमंत के आवास पर सत्ता पक्ष के विधायकों की हुई बैठक में हेमंत सरकार 3.0 का पूरा खाका खींचा गया। एक तरफ सुबह से देर शाम तक मुख्यमंत्री आवास के बाहर नेता, कार्यकर्ता, मीडिया और आम लोगों की भीड़ डटी रही, वहीं दूसरी तरफ लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी कि चंपाई सोरेन क्या मुख्यमंत्री बने रहेंगे या नेतृत्व परिवर्तन होगा। सत्ता की कमान क्या हेमंत सोरेन तीसरी बार संभालेंगे। सत्तारूढ़ दल के विधायक सुबह दस बजे से ही एक-एक कर हेमंत आवास पहुंचने लगे थे। हेमंत आवास के अंदर विधायक दल की बैठक करीब साढ़े बारह बजे शुरू हुई।
भाजपा का सबसे बड़ा हथियार क्या
बताया जा रहा है कि 7 जुलाई को हेमंत सोरेन तीसरी बार सीएम पद की शपथ ले सकते हैं। हेमंत सोरेन के जेल में बंद रहने के दौरान झारखंड में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा को पिछली बार के मुकाबले तीन सीटों पर नुकसान हुआ। राज्य में कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में हेमंत सरकार 3.0 के खिलाफ भाजपा परिवारवाद के मुद्दे को भुनाएगी। हेमंत सोरेन पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए भाजपा लगातार घेरने में लगी है। भाजपा यह नैरेटिव सेट करने में लगी है कि सोरेन परिवार सत्ता से दूर नहीं रह सकता।
भारत पहुंची Team India, फैंस की उमड़ी भीड़, देखें वीडियो
चंपाई से भी नुकसान की अटकलें
हेमंत सोरन की गिरफ्तारी के बाद ऐसी अटकलें थीं कि उनकी पत्नी कल्पना सोरेन को नया सीएम बनाया जाएगा। लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी चंपाई सोरेन को सौंपी गई। चंपाई झामुमो के सीनियर नेता हैं। लेकिन अब उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। चंपाई का कोल्हान में मजबूत जनाधार है। इस क्षेत्र में नुकसान की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता। भाजपा इसे इसी तरह प्रचारित भी कर रही है। अगर भाजपा यह नैरेटिव सेट करने में कामयाब हो जाती है तो इससे ‘इंडिया’ गठबंधन को आगामी चुनाव में नुकसान पहुंच सकता है।
विधायकों ने एकजुटता दिखाई
सूत्रों के मुताबिक करीब 2:30 बजे तक यह बैठक चली। बैठक के बाद सभी विधायकों ने एक साथ लंच किया। इसी बीच यह खबर सामने आई कि सीएम चंपाई सोरेन देर शाम राजभवन जाकर अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप देंगे। वहीं, हेमंत सोरेन राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के समक्ष नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। हुआ भी कुछ ऐसा ही। हालांकि इससे पहले एक विधायक ने भी यह पुष्टि कर दी थी कि सभी को मुख्यमंत्री आवास में रहने का निर्देश दिया गया है। इस बीच कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी और प्रदीप यादव सीएम आवास से बाहर आए और आधिकारिक बयान भी दे दिया कि हेमंत सीएम बनेंगे।
हेमंत सोरेन दूसरी बार लेंगे शपथ, चंपाई छह महीने में नहीं कर पाए पूरे, शपथ ग्रहण का इंतजार




