Hemant Soren ने दी नन्ही आलिन को भावभीनी श्रद्धांजलि, दस महीने की बच्ची ने किया अंगदान

Picture of Live Dainik

Live Dainik

February 19, 2026

alin

रांची: केरल की 10 माह की नन्ही बिटिया आलिन शेरिन अब्राहम ने अपने अल्प जीवन में वह कर दिखाया, जो कई जन्मों तक याद रखा जाएगा। अपनी असमय मृत्यु के बाद अंगदान के माध्यम से कई जिंदगियों को उम्मीद देने वाली आलिन आज पूरे देश की भावनाओं का हिस्सा बन चुकी है।

झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने एक्स (X) पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि “अपनी संतान को खो देना किसी भी माता-पिता के लिए सबसे असहनीय क्षण होता है। ऐसे गहरे शोक में भी अंगदान का निर्णय लेना अद्भुत साहस, त्याग और करुणा का उदाहरण है।”

आलिन के मां-पिता को सलाम

मुख्यमंत्री ने आलिन की माता श्रीमती शेरिन एन जॉन और पिता श्री अरुण अब्राहम को नमन करते हुए कहा कि यह केवल अंगदान नहीं, बल्कि मानवता के प्रति अटूट आस्था का जीवंत प्रमाण है।

See also  Ulgulan Nyay MahaRally में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, CM ने किया सभा स्थल का निरीक्षण, खरगे-राहुल-तेजस्वी समेत कई बड़े नेता होंगे शामिल

हेमंत सोरेन ने पिता से की फोन पर बात

शाम को मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने स्वयं श्री अरुण अब्राहम से फोन पर बातचीत कर गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने झारखंड की जनता की ओर से परिवार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनका निर्णय समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।

इस वार्ता का समन्वय केरल स्वास्थ्य विभाग के डॉ. नोबल ग्रेशियस ने किया, जो केरल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांटेशन ऑर्गेनाइजेशन से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने डॉ. ग्रेशियस एवं श्री अरुण अब्राहम को झारखंड की अंगदान नीति को और सुदृढ़ बनाने में सहयोग हेतु आमंत्रित भी किया।

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

केरल सरकार ने नन्ही आलिन के अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान देकर मानवता के इस संदेश को नई ऊँचाई दी। केरल के मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan की संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए श्री सोरेन ने कहा कि यह कदम पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री ने कहा —
“दूसरों को जीवन देने का महादान है अंगदान। झारखंड सरकार राज्य में अंगदान की नीति को और मजबूत करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।”

See also  चंपाई सोरेन से हेमंता बिस्व सरमा और अमर बाउरी ने की मुलाकात, असम आने का दिया निमंत्रण

अमर हो गई नन्ही आलिन

आलिन का जीवन भले ही छोटा रहा, लेकिन आज वह कई घरों की उम्मीद बनकर जीवित है। उसकी मासूम मुस्कान अब उन परिवारों की सांसों में बस गई है, जिन्हें नया जीवन मिला।

 

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now