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Hemant Soren के लिए फ्लोर टेस्ट मुश्किल या आसान, जानें बहुमत का गणित

विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हेमंत सोरेन ने बुलाई गठबंधन दलों के विधायकों की बैठक

Hemant Soren: झारखंड की राजनीति में बदलाव हो गया है। चंपाई सोरेन के इस्तीफे के बाद हेमंत सोरेन तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे। सात जुलाई को हेमंत सोरेन की ताजपोशी हो सकती है। हालांकि इस पर अभी आधिकारिक मुहर लगनी बाकी है। इधार, हेमंत सोरेन महागठबंधन विधायक दल के नेता चुना गया। उन्होंने राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया है। सरकार बनने के बाद झारखंड विधानसभा में विश्वास मत साबित करना होगा। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार के लिए फ्लोर टेस्ट आसान होगा। झारखंड विधानसभा में अभी 76 सदस्य हैं और बहुतम साबित करने किए 39 मतों की आवश्यकता होगी। दलगत स्थिति में झामुमो-कांग्रेस-राजद के पास बहुमत से बहुत ज्यादा वोट हैं।

चंपाई को मिलेगी नई जिम्मेदारी

सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद चंपाई सोरेन नाराज बताए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें अब झामुमो का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। अभी हेमंत सोरेन सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। सूत्रों की माने तो हेमंत सोरेन ने चंपाई सोरेन को झामुमो कार्यकारी अध्यक्ष पद के रूप में नई जिम्मेदारी देने को तैयार हैं।

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फ्लोर टेस्ट का गणित

झारखंड के चार विधायकों के सांसद बनने, विधायक सीता सोरेन के इस्तीफे और कल्पना सोरेन के विधायक बनने के बाद झारखंड विधानसभा का समीकरण बदल चुका है। झारखंड विधानसभा की 81 में से अब पांच क्षेत्र जामा, शिकारीपाड़ा, बाघमारा, हजारीबाग, मनोहरपुर सीट खाली हो गई है। अब दलीय स्थिति को देखें तो वर्तमान में विधानसभा में कल्पना सोरेन को शामिल कर झामुमो के 27, बाबूलाल मरांडी को शामिल कर भाजपा के 24, प्रदीप यादव को जोड़ कर कांग्रेस के 17, आजसू के तीन, राजद के एक, भाकपा माले के एक, एनसीपी के एक और निर्दलीय दो सदस्य हैं।

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व्हीप जारी कर सकती हैं पार्टियां

बहुमत साबित करने के दौरान वोटिंग करने के लिए राजनीतिक दल व्हीप जारी कर सकते हैं। पार्टी जिस दल के पक्ष में वोटिंग का व्हीप जारी करेगी, अगर उसके विधायक इसके खिलाफ गये तो उनकी सदस्यता खत्म की जा सकेगी। ऐेसे में भाजपा के विधायक जयप्रकाश भाई पटेल कांग्रेस में शामिल होकर लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। उन पर विशेष नजर रहेगी। वहीं, झामुमो से बागी बन लोकसभा चुनाव लड़ने वाले लोबिन हेम्ब्रोम और चमरा लिंडा किस ओर मतदान करते हैं, यह भी देखना होगा। वहीं, कांग्रेस विधायक आलमगीर आलम को भी जेल से फ्लोर टेस्ट में शामिल होने की अनुमति लेनी होगी।

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