रांचीः झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों को लेकर होने वाली वोटिंग से पहले महागठबंधन के नेताओं की मुख्यमंत्री आवास पर बैठक हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गठबंधन दलों के नेताओं और विधायकों के साथ बैठक कर जीत का गणित बताया। आंकड़ों के बाद मेंटल गेम में पीछे चल रही एनडीए को इस चुनाव में शिकस्त देने को लेकर संकल्प लिया गया। एक तरफ जहां बीजेपी समेत एनडीए के 24 विधायक रांची के रेडिसन ब्लू होटल में रात गुजारेंगे तो दूसरी ओर गठबंधन के विधायक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिये हुए टॉस्ट के अनुसार वोटिंग करेंगे।
वोटिंग से पहले पिछड़ गई NDA
हेमंत सोरेन की रणनीति है कि पहले जेएमएम उम्मीदवार बैद्यनाथ राम को 28 से 30 के बीच में वोट देकर विधायक राज्यसभा भेजना तय करें, उसके बाद अन्य वोट कांग्रेस विधायक प्रणव झा को दिया जाए। इसके साथ ही गठबंधन के विधायक पहली और दूसरी वरीयता का वोट केवल बैद्यनाथ राम और प्रणव झा को ही दें, इसे सुनिश्चित किया गया। इसको लेकर मॉक ड्रिल भी किया गया। इसके साथ ही गठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में ज्यादा से ज्यादा वोट लाने की रणनीति को अमली जामा पहनाया गया। जेएलकेएम विधायक जयराम महतो का रूख भी गठबंधन की ओर दिख रहा है। इससे गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों का मनोबल बढ़ा हुआ है और जो रूझान दिख रहे है उससे दोनों सीटें गठबंधन के खाते में जाती हुई नजर आ रही है।
दूसरी ओर एनडीए अपने विधायकों में सेंधमारी करने की जद्दोजहद करती नजर आ रही है। एनडीए के सभी 24 विधायकों को रेडिसन ब्लू होटल में ही रात गुजारना है और गुरुवार को यही से वो विधानसभा वोट डालने जाएंगे। एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी एनडीए के 24 वोटों के अतिरिक्त अन्य वोट को अपने पाले में करने में नाकामयाब नजर आ रहे है, बल्कि उन्हें अब अपने विधायकों में टूट कर डर सता रहा है। राज्यसभा चुनाव में एनडीए और गठबंधन के बीच चल रहे शाह और मात के खेल में वोटिंग से एक दिन पहले महागठबंधन का पलड़ा भारी नजर आ रहा है, आंकड़े पहले भी उनके साथ थे और अब भी नजर आ रहे है। जयराम महतो के रूप में वो अपने आंकड़े को बढ़ाते हुए नजर आ रहे है जबकि एनडीए अपने विधायकों की सेंधमारी रोकने की कोशिश में लगी है।
क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए कांग्रेस ने 6 सीनियर नेताओं को लगाया
राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की ओर से सर्वाधिक सावधानी बरती जा रही है। चुनाव में कांग्रेस के 16 विधायकों को मतदान करना है और इनके वोट सही उम्मीदवार को मिले और इन मतों की गिनती के लिए कांग्रेस ने छह सीनियर नेताओं को लगा दिया है।एक दिन पहले तक इनकी संख्या पांच थी। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के.राजू और सह प्रभारी सिरीबेला प्रसाद कांग्रेस पार्टी के पोलिंग एजेंट मनोनीत किए गए हैं तो पार्टी ने सांसद नासिर हुसैन और मंत्री राधा कृष्ण किशोर को कांग्रेस उम्मीदवार का काउंटिंग एजेंट बनाया है।
राजू एवं प्रसाद की जोड़ी क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर नजर रखेगी तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और बंधु तिर्की को पोलिंग एजेंट बनाया गया है।यही दोनों नेता मतदान केंद्र पर बैठकर देखेंगे कि किन-किन विधायकों ने वोट किया और किसे वोट दिया। किस विधायक का वोट अब तक नहीं पड़ा है।मालूम हो कि पार्टी की ओर से बनाए गए एजेंट की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता डा. सैयद नासिर और मंत्री राधाकृष्ण किशोर को काउंटिंग एजेंट बनाया है। पुराने इतिहास को देखें तो झारखंड में पार्टी एजेंट के साथ मिल कर विधायक क्रॉस वोटिंग को अंजाम दे चुके हैं।







