रांचीः पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश से राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में जन-जीवन अस्त-व्यस्त है। राज्य से बहनेवाली ज्यादातर नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। कई डैमों के गेट खोले गये है। रांची में शनिवार को हटिया डैम से पानी ओवरफ्लो हो गया। इससे हटिया स्थित रिवर व्यू कॉलोनी के किनारे से जा रही स्वर्णरेखा नदी उफान पर है। रिवर व्यू कॉलोनी का मंदिर परिसर जलमग्न हो गया है। वहीं रिवर व्यू कॉलोनी के लोगों को आने-जाने का रास्ता भी बंद हो गया है। इसके साथ ही रूक्का, कांके का डैम भी ओवरफ्लो हो गया है। तिलैया, चांडिल सहित कई डैमों के गेट खोल दिये गये है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 6 दिन भारी बारिश का अलर्ट है।
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मौसम विभाग का येलो अलर्ट
24 अगस्तः पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में भारी बारिश की संभावना। रांची, खूंटी, बोकारो, गुमला , सिमडेगा, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद में भी कहीं कहीं भारी बारिश हो सकती है।
25 अगस्तः ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट के पास बंगाल की खाड़ी में एक नया लो-प्रेशर एरिया बनने की संभावना। इससे राज्य के पश्चिमी व मध्य जिलों में भारी बारिश होगी।
26 से 29 अगस्तः राज्य के कई जिलों में गर्जन के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होगी। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है और वज्रपात की भी संभावना है।
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वहीं, नामकुम से होकर बहने वाली स्वर्णरेखा नदी, हिनू से होकर बहने वाली भुसूर नदी, हरमू नदी, कांके रोड में पोटपोटो व जुमार नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। तट पर और इसके आसपास रहने वाले लोग नदियों के उफान पर रहने से सहमे रहे। वहीं नदी में पानी के तेज प्रवाह से सम्पर्क के बड़े नाला व नालियों के ओवर फ्लो करने से कई गलियों में पानी समा गया, जिस कारण आमजन को काफी परेशानी हुई। कई जगहों पर गाद व कीचड़युक्त पानी जमा होने से लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया। सबसे ज्यादा परेशानी स्लम एरिया में रहने वाले एवं नयी बसी बस्तियों व कॉलोनी के वाशिंदों को हुई। बारिश से निगम क्षेत्र में नियमित रूप से सफाई और क्यूआरटी की व्यवस्था की पोल भी खुली।
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कई मुहल्लों में जलजमाव से बढ़ी परेशानी
शहर के मुख्य क्षेत्रों में गिना जाने वाला हिन्दपीढ़ी का नेजामनगर, हरमू रोड में विद्यानगर, गंगानगर, श्रीनगर, इटकी रोड में सुंदरनगर, पंडरा में पंचशील नगर, शांतिनगर, पहाड़ टोली, रातू रोड के कटहल गोंदा, सरोवर नगर, लटमा के विकास नगर, हातमा, बूटी मोड़ के जयप्रकाश नगर, कोकर के हैदर अली लेन, तिरिल, कांटाटोली का गौस नगर, मौलाना आजाद कॉलोनी, निवारणपुर, डिबडीह, पुंदाग के रहमतनगर कॉलोनी समेत अन्य इलाके में कई गली-मुहल्ले जलमग्न हो गए।
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बारिश के बाद इन इलाकों में कच्चे नाले से गली और घरों में पानी घुस गया। इन मुहल्लों की स्थिति इस कदर दयनीय है कि लोगों की जिंदगी मुहाल है। गलियों में मकानों से गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। कई इलाके में कच्चा नाला परेशानी का सबब बना रहा।रांची नगर निगम के प्रशासक सुशांत गौरव ने स्वच्छता शाखा के अधिकारियों को शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने सभी सहायक प्रशासक, नगर प्रबंधक और वार्ड सुपरवाइजर को अपने क्षेत्र में 24 गुणा सात पर्यवेक्षण करते हुए सफाई व्यवस्था अद्यतन रखने को कहा है। निगम प्रशासक ने शनिवार को टीम के साथ शहर की सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण, वेंडिंग जोन विकसित करने को लेकर कई इलाकों का भ्रमण किया। वहीं अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई के साथ वेंडर्स को व्यवस्थित करने को लेकर वेंडिंग जोन विकसित करने को भी कहा। प्रशासक ने मोरहाबादी में एमटीएस में पड़े जर्जर वाहन को हटाने, अतिक्रमण मुक्त स्थल की घेराबंदी, दीपाटोली, पुरूलिया रोड में वेंडिंग जोन को लेकर प्रस्ताव को जमीन पर उतारने का निर्देश दिया। प्रशासक ने मोरहाबादी में संग्रहणालय के पास दिहाड़ी श्रमिकों व राजमिस्त्री के अलावा महिलाओं के बैठने के लिए शेड बनाने का प्रस्ताव तैयार करने, बरियातू पहाड़ के पास वेंडिंग जोन विकसित करने का निर्देश दिया।
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अलर्ट जारी : जमशेदपुर में सुवर्णरेखा और खरकई नदी खतरे के निशान के पार
पूर्वी सिंहभूम समेत पूरे कोल्हान में लगातार हो रही बारिश (Heavy Rain in Jharkhand) के कारण सुवर्णरेखा और खरकई नदी उफान पर है। दोनों ही नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सुवर्णरेखा (खतरे का निशान 121.50 मीटर) का जलस्तर 122.06 मीटर और खरकई (129 मीटर) का जलस्तर 131.60 मीटर पहुंच गया है। नदियों के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। उसने लोगों को सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी है। सरायकेला- खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड के डांडू गांव और खरसावां थाना क्षेत्र के कोल शिमला गांव में कच्चे मकान गिरने से तीन लोगों की मौत हुई है, जिसमें दो बच्चे शामिल हैं।





