पूर्व मंत्री एनोस एक्का और उनकी पत्नी समेत 10 दोषी करार, CNT एक्ट उल्लंघन मामले में CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला

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August 29, 2025

पूर्व मंत्री एनोस एक्का और उनकी पत्नी समेत 10 दोषी करार, CNT एक्ट उल्लंघन मामले में CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला

रांचीः झारखंड में CNT एक्ट का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर आदिवासियों की जमीन खरीदने के मामले में अदालत ने शुक्रवार को पूर्व मंत्री एनोस एक्का और उनकी पत्नी मेनन एक्का समेत कुल 10 आरोपियों को दोषी करार दे दिया। सीबीआई की विशेष अदालत ने 15 साल पुराने इस मामले में फैसला सुनाया, हालांकि सजा की घोषणा शनिवार 30 अगस्त को अगली सुनवाई पर की जाएगी। इस दौरान अदालत ने एक आरोपित गोवर्धन बैठा को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।

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पूर्व मंत्री एनोस पर पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी पते पर आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री करने का आरोप है। दोषी पाए जाने के बाद अदालत ने एनोस और मेनन समेत सभी आरोपियों को जेल भेज दिया। सजा के अन्य बिंदु पर शनिवार 30 अगस्त को भी सुनवाई होगी।

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दोषी पाए गए लोगों में एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, रांची के तत्कालीन LRDC कार्तिक कुमार प्रभात, राज किशोर सिंह, फिरोज अख्तर, ब्रजेश मिश्रा, अनिल कुमार, मणिलाल महतो, परशुराम केरकेट्टा और ब्रजेश्वर महतो शामिल हैं, जबकि एक आरोपी गोवर्धन बैठा को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।

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बता दें कि एक्का समेत अन्य आरोपियों पर जिस CNT एक्ट या छोटा नागपुर काश्तकारी अधिनियम 1908 का उल्लंघन करने का आरोप है, वह झारखंड में आदिवासी भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए बनाया गया एक कानून है। यह अधिनियम आदिवासियों की भूमि को गैर-आदिवासियों को हस्तांतरित करने से रोकता है। इस कानून को सन् 1908 में अंग्रेजों द्वारा लागू किया गया था।

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पूर्व मंत्री एनोस एक्का साल 2005, 2009 और 2014 में कोलेबिरा विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। इसी दौरान साल 2005 और 2008 के बीच वह मधु कोड़ा सरकार में मंत्री भी रहे थे। एनोस एक्का पर हत्या का आरोप भी सिद्ध हो चुका है। साल 2014 में उन्हें पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था, और जुलाई 2018 में अदालत ने उन्हें हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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