डेस्कः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी व्यापारिक नीतियों को लेकर न्यायपालिका के साथ आर-पार की जंग छेड़ दी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके पुराने टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के महज कुछ ही घंटों के भीतर ट्रंप ने ओवल ऑफिस से एक नए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके तहत अब दुनिया के सभी देशों से आने वाले आयात पर 10% का वैश्विक टैरिफ लगाया जाएगा। बता दें कि कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ को गैरकानूनी बताते हुए रद्द करने का आदेश दे दिया है। ट्रंप के पिछले साल कई देशों पर टैरिफ लगाए थे। उन्होंने इसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी कदम कहा था।

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले में स्पष्ट निर्देश नहीं!
जस्टिस ब्रेट कैवनॉ के मुताबिक, कोर्ट ने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि सरकार को इंपोर्टर्स से इकट्ठा किए अरबों डॉलर वापस करने चाहिए या नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने अरबों की रकम पर कोई निर्देश नहीं दिया है। माना जा रहा है कि इस सवाल को निचली अदालतों को सुलझाना होगा। कैवनॉ ने ये भी माना है कि रिफंड में गड़बड़ी की संभावना है।
कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजॉम ने भी टैरिफ लौटाए जाने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि जिन टैरिफ को अवैध करार दिया गया है, उनकी वसूली गई रकम तुरंत सभी अमेरिकियों को वापस लौटाई जानी चाहिए। गैविन ने कहा, ‘सरकार का दायित्व है कि वह अपने नागरिकों के साथ पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करे।उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को इस मामले में जिम्मेदारी लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।’
#WATCH अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा,"सुप्रीम कोर्ट का फैसला बहुत निराशाजनक है, और मुझे कोर्ट के कुछ सदस्यों पर शर्म आ रही है कि उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है..."
(सोर्स: व्हाइट हाउस) pic.twitter.com/H5sBqtRXYa
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 20, 2026
ट्रंप ने पैसे लौटाए जाने को लेकर क्या कहा?
टैरिफ से वसूले गए राजस्व की वापसी के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि यह मामला आने वाले वर्षों तक अदालतों में चल सकता है। उन्होंने कहा, 'हमने सैकड़ों अरब डॉलर वसूले हैं, सैकड़ों अरब. अब सवाल है कि उस पैसे का क्या होगा? इस मुद्दे पर फैसले में चर्चा तक नहीं है।' उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह मामला अगले दो साल या शायद पांच साल तक अदालतों में चलता रहेगा।'ट्रंप ने ये भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत लगाए गए सेक्शन 232 और सेक्शन 301 टैरिफ प्रभावी रहेंगे।उन्होंने कहा कि सभी राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ यथावत हैं। कई जांचें शुरू की जाएंगी और टैरिफ से सरकारी आय बढ़ेगी।
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अमेरिका ने टैरिफ से कमाए 175 अबर डॉलर!
बीते साल 14 दिसंबर तक अमेरिका की फेडरल सरकार ने 3 लाख से ज्यादा अलग-अलग इंपोर्टर्स से टैरिफ को चुनौती देकर 134 अरब का रेवेन्यू हासिल किया। यह जानकारी यूनाइटेड स्टेट कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन डेटा और एजेंसी की ओर से US कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में जमा की गई फाइलिंग में दी गई थी। ये आंकड़े मिड दिसंबर 2025 तक के हैं।वहीं, ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने सवाल पूछने के दौरान करीब 175 अरब डॉलर के राजस्व का जिक्र किया। ट्रंप ने इस पर जवाब भी दिया। यानी मान जा रहा है कि ये राशि 175 बिलियन डॉलर के करीब है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनसे पूछा गया कि कोर्ट के फैसले के बाद करीब 175 बिलियन डॉलर के टैरिफ राजस्व का क्या होगा तो ट्रंप ने कहा कि फैसले में इस पर स्पष्टता नहीं है और ये मामला अगले कुछ वर्षों तक अदालतों में चल सकता है।
#WATCH अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "भारत के साथ मेरे रिश्ते बहुत अच्छे हैं, और हम भारत के साथ ट्रेड कर रहे हैं। भारत ने रूस से अपना हाथ खींच लिया। भारत अपना तेल रूस से ले रहा था, और मेरे कहने पर वे बहुत पीछे हट गए क्योंकि हम एक भयानक लड़ाई को खत्म करना चाहते हैं… pic.twitter.com/iZuaVjyCCl
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 20, 2026




