बोकारोः चास स्थित बाल सुधार गृह में 25 बाल कैदी फ्लू के चपेट में है। ये बाल कैदी सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित है। बोकारो सदर अस्पताल में जांच के बाद एक बाल बंदी की हालत गंभीर पाई गई, जिसे इलाज के लिए सदर अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है। बाल कैदियों के फ्लू से पीड़ित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर चला गया है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने ऑब्जर्वेशन होम को अस्थायी कैंप अस्पताल में तब्दील कर दिया है। आठ डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की टीम तैनात कर दी गयी है।
सभी चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों को बाल बंदियों के बदलते स्वास्थ्य की निगरानी में लगाया गया है। सभी बाल बंदियों में बीमारी की पहचान को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीमारी की पुष्टि के लिए सभी बाल बंदियों के रक्त नमूने जांच के लिये सदर अस्पताल भेजा गया है।
इधर, जानकारी मिलने पर डीसी अजय नाथ झा ने सीएस डॉ एबी प्रसाद, एसडीओ चास प्रांजल डाढा, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ एनपी सिंह व डॉ सौरव सांख्यान के साथ बाल सुधार गृह का निरीक्षण किया। बच्चों से मिलकर उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। 24 घंटे स्वास्थ्य अपडेट लेते रहने की कडी निगरानी के निर्देश दिये।
बुखार की शिकायत के बाद जांच में सामने आया संक्रमण
बताते चलें कि झारखंड के सात जिलों जमशेदपुर, हजारीबाग, गिरिडीह, रांची, धनबाद, दुमका और बोकारो के बाल बंदियों को चास स्थित बाल सुधार गृह में रखा गया है। यहां कुल 43 बाल बंदी हैं, जिनमें से 25 फ्लू के संक्रमण का शिकार हो गए। संक्रमण का पता तब चला जब बच्चे बुखार से ग्रसित हुए और उन्हें जांच के लिए सदर अस्पताल लाया गया।

