रांचीः कांग्रेस के पांच विधायकों ने गुरुवार को हेमंत मंत्रिमंडल में शामिल पार्टी के मंत्रियों के व्यवहार की शिकायत की और कहा कि दो-दो बार आलाकमान के स्तर से हस्तक्षेप के बाद भी कहीं काेई सुनवाई नहीं हो रही है।कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप, विधायक नमन विक्सल काेंगाड़ी, भूषण बाड़ा, सुरेश बैठा और सोनाराम सिंकू ने गुरुवार केंद्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए अपना दुखड़ा भी सुनाया।
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इन नेताओं की सबसे बड़ी पीड़ा यह थी कि उनकी बात पर कोई मंत्री ध्यान नहीं देते। खासकर कांग्रेस कोटे के मंत्रियों की शिकायत दोबारा की गई है। इस मामले में एक बार फिर इन विधायकों को आश्वासन के अलावा कुछ और नहीं मिला।खरगे में विभिन्न विषयों पर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू से बात करने और मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। कांग्रेस के विधायकों ने नव वर्ष की शुभकामनाएं देने के लिए खरगे का समय लिया था लेकिन इन्हें करनी थी शिकायत।
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कांग्रेस के पांचों विधायकों ने मंत्रिमंडल में शामिल चारों मंत्रियों के बारे में शिकायत करते हुए कहा कि जब हम कार्यकर्ताओं की मांग से संबंधित बातों को मंत्रियों के सामने रखते हैं तो वे काम करने की बात तो दूर, आश्वासन तक नहीं देते हैं।इससे क्षेत्र में कांग्रेस विधायकों की स्थिति कमजोर और हास्यास्पद होती है। इन विधायकों ने कांग्रेस आलाकमान से हालांकि किसी मंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत शिकायत नहीं की है।
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यही कारण है कि इन्हें ऐसा कोई आश्वासन भी नहीं मिला है कि फलां मंत्री के खिलाफ कार्रवाई होगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने सभी विधायकों को मनरेगा को खत्म किए जाने के निर्णय के खिलाफ आंदोलन करने के निर्देश दिए।कांग्रेस सूत्रों के अनुसार इन विधायकों के हाथ एक बार फिर खाली रह गए हैं।












