सारणः छपरा के हथुआ मार्केट में बुधवार की देर शाम भीषण आग लग गई। नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित इस प्रसिद्ध बाजार में दुकानदार शाम को दुकानें बंद करके घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। तभी एक दुकान की दुकान के बेसमेंट में शॉर्ट सर्किट से स्पार्क हुआ, जिससे आग लग गई। आग ने जल्द ही सिलेंडर को अपनी चपेट में ले लिया और पास के ट्रांसफॉर्मर में भी ब्लास्ट हो गया, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।
नक्सली कमांडर सुरेश कोड़ा ने किया सरेंडर, एके-47, एके-56 और इंसास राइफल पुलिस को सौंपे
कई दुकाने जलकर राख: आग लगते ही बाजार में अफरा-तफरी मच गई. दुकानदारों को समझ में नहीं आया कि क्या करें। देखते ही देखते आग कॉस्मेटिक दुकान और ब्यूटी पार्लर तक पहुंच गई। लोगों को संभलने का भी मौका नहीं मिला और आग ने भीषण रूप धारण कर लिया।
आग बुझाने का प्रयास करते रहे दुकानदार: स्थानीय दुकानदारों ने तुरंत आग बुझाने के प्रयास शुरू किया। कई दुकानदारों ने अन्य दुकानों के शटर और शीशे तोड़कर पानी डालने और आग पर काबू पाने की कोशिश की। हालांकि आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनके प्रयास कामयाब नहीं हो सके। आग और तेज होती गई, दुकानदारों ने तत्काल फायर ब्रिगेड और स्थानीय थाने को सूचना दी।
लखीसराय में रेलकर्मी की गोली मारकर हत्या, पश्चिम बंगाल में पोस्टेड थे मृतक संतोष कुमार
फायर ब्रिगेड और प्रशासन मौके पर पहुंचा: सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की लगभग आधा दर्जन गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। नगर थाना की पुलिस, एसीपी राम पुकार सिंह और एसडीएम नितेश कुमार भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम नितेश कुमार ने बताया कि स्थिति का जायजा लिया गया है और राहत कार्यों का निर्देशन दिया गया है। फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया है।
होली और ईद के नए माल राख: सबसे अधिक नुकसान एक गारमेंट्स की दुकान को हुआ, जहां से आग की शुरुआत हुई थी। दुकान के बेसमेंट और ऊपरी हिस्से में रखे रेडीमेड गारमेंट्स पूरी तरह जलकर राख हो गए। होली और ईद के नए माल सहित अन्य सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। आसपास की 5-6 दुकानें भी प्रभावित हुईं, जिसमें कॉस्मेटिक और ब्यूटी पार्लर शामिल हैं।
50 लाख से अधिक का अनुमानित नुकसान: दुकानदार सुनील सिंह ने बताया कि आग में लगभग 50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जलकर खाक हो गई।बाजार में चहल-पहल के बीच यह घटना शाम के समय हुई, जब दुकानें बंद हो रही थी, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ।



