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दीपिका पांडे सिंह के विभाग में बाहरी हस्तक्षेप! इंजीनियरों को धमकी.. बाबूलाल मरांडी ने लिखी CM हेमंत सोरेन को चिट्ठी

दीपिका पांडे सिंह के विभाग में बाहरी हस्तक्षेप! इंजीनियरों को धमकी.. बाबूलाल मरांडी ने लिखी CM हेमंत सोरेन को चिट्ठी

रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली दौरे पर है इसी बीच राज्य के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उन्हें एक चिट्ठी लिखी है। मरांडी ने इसी बीच उन्हें ग्रामीण कार्य विभाग में में कथित बाहरी हस्तक्षेप को लेकर चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी के साथ उन्होंने विभाग के इंजीनियरों के द्वारा संयुक्त रूप से हस्ताक्षर के माध्यम से कि जा रही शिकायत पत्र भी भेजा है।
कांग्रेस विधायक और मंत्री ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री दीपिका पांडे सिंह के विभाग में कथित बाहरी हस्तक्षेत्र को लेकर बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जो चिट्ठी लिखी है उसमें आरोप लगाते हुए लिखा है कि मै आपका ध्यान ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं द्वारा प्रेषित एक अत्यंत गंभीर शिकायत की ओर आकृष्ट करना चाहता हूं, जिसकी मूल प्रति इस पत्र के साथ संलग्न है।

बबलू मिश्रा दें रहे हैं धमकी
उन्होंने आगे लिखा है कि उक्त पत्र के माध्यम से विभाग के सहायत एवं कार्यपालक अभियंताओं स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि उन्हें विभागीय कार्यो, विशेषकर निविदा यानी टेंडर निष्पादन के दौरान, बाहरी तत्वों द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित और डराया-धमकायसा जा रहा है। पत्र के मुख्य बिंदू निम्नलिखित है।आगे बाबूलाल मरांडी ने अशोक नगर के रहने वाले बबलू मिश्रा का जिक्र करते हुए लिखा है कि अशोक नगार, रांची निवासी श्री बबलू मिश्रा द्वारा निरंतर फोन के माध्यम से निविदाकारों को अनुचित लाभ पहुंचाने हेतु दवाब बनाया जा रहा है। अधिकारियों के साथ अभद्र भाषा और गाली-गलौच का प्रयोग किया जा रहा है। कार्य न करने पर ट्रांसफर और सेवा समाप्ति जैसी गंभीर धमकियां दी जा रही हैं। परिस्थितयां इतनी विकट हो चुकी है कि अभियंताओं ने सुरक्षा न मिलने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।

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सिंडिकेट पर कसे नकेल
इसके बाद मरांडी लिखते है कि राज्य के विकास कार्यो में इस प्रकार का बाहरी हस्तक्षेप और बिचौलियों का आतंक न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को पंगु बनाता है, बल्कि यह भ्रष्टाचार को भी सीधा बढ़ावा देता है। यदि सरकारी अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है, तो वे निष्पक्षता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कैसे कर पाएंगे। मरांडी ने इसके बाद मुख्यमंत्री से मांग करते हुए लिखा है कि संलग्न पत्र में नामित व्यक्ति यानी बबलू मिश्रा के विरूद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए विभाग के अधिकारियों को प्रशासनिक संरक्षण प्रदान किया जाए। निविदा प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने वाले बाहरी सिंडिकेट को चिन्ह्रित कर उन पर नकेल कसी जाए। संलग्न शिकायत पत्र की गंभीरता को देखते हुए आपसे त्वरित हस्तक्षेप की अपेक्षा है। इसके साथ उन्होंने विभाग के इंजीनियरों का संयुक्त हस्ताक्षरित पत्र भी मुख्यमंत्री को भेजा है।

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इरफान के बाद अब दीपिका
इससे पहले बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस कोटे के दूसरे मंत्री इरफान अंसारी पर पत्रकार पिटाई मामले में कार्रवाई करने की मांग की थी। एक के बाद दूसरे कांग्रेस कोटे के मंत्री को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने शिकायत की है। स्वास्थ्य विभाग में हो रही गड़बड़ियों की शिकायत के बाद अब ग्रामीण कार्य विभाग को लेकर कि गई शिकायत से राज्य सरकार के साथ ही कांग्रेस पार्टी पर भी दवाब बनाया जा रहा है। लगातार कांग्रेस कोटे के मंत्रियों पर लग रहे आरोप से सरकार और गठबंधन में असहज स्थिति बनती नजर आ रही है। ग्रामीण कार्य विभाग को लेकर पहले भी विवाद रहा है। पूर्व में इस कोटे के मंत्री आलमगीर आलम अभी टेंडर घोटाले के मामले को लेकर जेल में बंद है, ऐसे में बाबूलाल के टेंडर को लेकर बनाये जा रहे दवाब को लेकर मुख्यमंत्री को लिखी गई चिट्ठी ने राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है।

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