झारखंड में महंगी हुई बिजली, नये ट्रैरिफ की घोषणा, घरेलू उपभोक्ता पर बोझ, किसानों को राहत

झारखंड में महंगी हो सकती है बिजली, नये ट्रैरिफ की घोषणा आज

रांचीः झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड  (जेबीवीएनएल) के उपभोक्ताओं को इस बार बिजली टैरिफ का झटका लग लगा है। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए  नये टैरिफ की घोषणा कर दी है। झारखंड में 1 अप्रैल से घरेलू बिजली दरों में 50 से 60 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। वर्तमान में घरेलू उपभोक्ताओं की दर 6.85 प्रति यूनिट है।राज्य विद्युत नियामक आयोग ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के लिए औसतन 6.12% टैरिफ वृद्धि को मंजूरी दी है।

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आयोग ने सार्वजनिक सुनवाई के दौरान उपभोक्ताओं और हितधारकों की आपत्तियों व सुझावों पर विचार करने के बाद टैरिफ को अंतिम रूप दिया है।जेबीवीएनएल ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 10,725.26 करोड़ रुपये के एआरआर का दावा किया था। आयोग ने विस्तृत जांच के बाद वर्ष 2024-25 के लिए 7,894.55 करोड़ रुपये के एआरआर को स्वीकृति दी है। वहीं, वर्ष 2025-26 के लिए 8,261.21 करोड़ रुपये और वर्ष 2026-27 के लिए 10,832.70 करोड़ रुपये के एआरआर को मंजूरी दी गई है।

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नए आदेश में उपभोक्ता सुविधा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। आयोग ने सभी लाइसेंसी को निर्देश दिया है कि प्रत्येक बिजली बिल पर सीजीआरएफ का विवरण देना अनिवार्य होगा। साथ ही उपभोक्ताओं और सीजीआरएफ सदस्यों के बीच मासिक संवाद आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया है।

उपभोक्ताओं को जारी किए जाने वाले बिल को सरल बनाने और शिकायत निवारण प्रक्रिया को मजबूत करने के निर्देश भी दिये गये हैं।

इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के लिए भी अलग टैरिफ तय किया गया है। सोलर आवर (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक) के लिए 7 रुपये प्रति यूनिट तथा नॉन-सोलर अवधि के लिए 8.70 रुपये प्रति यूनिट की दर तय की गई है। ग्रीन एनर्जी टैरिफ के लिए 0.95 रुपये प्रति यूनिट अतिरिक्त शुल्क को मंजूरी दी गई है।

आयोग ने उपभोक्ताओं को समय पर बिल भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने की भी व्यवस्था की है। यदि कोई उपभोक्ता बिल मिलने के पांच दिनों के भीतर भुगतान करता है, तो उसे कुल बिल पर दो प्रतिशत की छूट (रिबेट) मिलेगी। वहीं, प्रीपेड मीटर अपनाने वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा शुल्क पर तीन प्रतिशत की छूट देने का भी प्रावधान किया गया है।

रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गये हैं। आयोग ने ग्रॉस मीटरिंग के लिए 4.16 रुपये प्रति किलोवाट घंटा तथा नेट मीटरिंग के लिए 3.80 रुपये प्रति यूनिट की दर निर्धारित की है। इससे राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है।

सबसे अहम राहत कृषि उपभोक्ताओं को मिली है। आयोग ने इस श्रेणी के लिए किसी प्रकार की टैरिफ वृद्धि नहीं की है। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। हालांकि घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को नयी दरों का असर झेलना पड़ेगा।

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घरेलू उपभोक्ता (Domestic)
श्रेणीपहले दर (रु./यूनिट)अब दर (रु./यूनिट)बढ़ोतरी
ग्रामीण घरेलू6.707.20+0.50
शहरी घरेलू6.857.40+0.55
घरेलू HT6.407.20+0.80
व्यावसायिक (Commercial)
श्रेणीपहले दर (रु./यूनिट)अब दर (रु./यूनिट)बढ़ोतरी
ग्रामीण (5 KW से अधिक)6.206.70+0.50
शहरी (5 KW से अधिक)6.707.30+0.60
HT व्यावसायिक7.308.00+0.70
औद्योगिक (Industrial)
श्रेणीपहले दर (रु./यूनिट)अब दर (रु./यूनिट)बढ़ोतरी
LT इंडस्ट्रियल6.106.60+0.50
HT इंडस्ट्रियल5.906.40+0.50
स्पेशल HT5.255.80+0.55
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