एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की रेस से हुए बाहर, PM मोदी से फोन पर बात करने के बाद कर दिया सरेंडर

एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की रेस से हुए बाहर, PM मोदी से फोन पर बात करने के बाद कर दिया सरेेंडर

डेस्कः महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे राज्य के नये मुख्यमंत्री पद की रेस से बाहर हो गए है। बुधवार को उन्होने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं अपने आप को कभी मुख्यमंत्री नहीं समझता हूं. मैं हमेशा अपने आपको कॉमन मैन समझता हूं। शिंदे ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया था। मैंने उनसे कहा कि हमारी तरफ से मुख्यमंत्री को लेकर कोई अड़चन नहीं आएगी. हमारा पूरा सहयोग रहेगा।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले हेमंत सोरेन पहुंचे अपने पैतृक गांव नेमरा, कल्पना सोरेन के साथ दादी जी सोबरन सोरेन ने पुण्यतिथि में हुए शामिल
महाराष्ट्र में महायुति के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी खींचतान के बीच शिंदे के इस बयान ने नई सरकार को लेकर छाये संकट को खत्म कर दिया है। महाराष्ट्र का चुनाव एकनाथ शिंदे के चेहरे पर लड़ा गया था. लेकिन बीजेपी को महायुति में सबसे ज्यादा 132 सीटें मिलीं तो सीएम को लेकर खींचतान जारी हो गई।आखिरकार अब एकनाथ शिंदे ने खुद ये ऐलान कर दिया है कि वह बीजेपी के हर फैसले को मानने के लिए तैयार हैं।

कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, “केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बहुत आगे बढ़ेंगे और निश्चित रूप से महायुति की सरकार स्थापित होगी…कल मैंने पीएम से भी बात की है मैंने कहा कि सरकार बनाने में हमारी तरफ से कोई अड़चन नहीं है। आप निर्णय लीजिए, बीजेपी जो अंतिम निर्णय लेगा उस निर्णय की तामिल हो जाएगी। बीजेपी के वरिष्ठ नेता जो मुख्यमंत्री पद के बारे में निर्णय लेंगे और बीजेपी का जो उम्मीदवार होगा उसको हमारा पूरा समर्थन होगा।” “कल गृह मंत्री अमित शाह के साथ हमारे तीनों दलों की बैठक होगी और उसमें विस्तार से चर्चा होगी और उसके बाद निर्णय लिया जाएगा…”

एकनाथ शिंदे ने कहा, “आज हमारे राज्य में महायुति को जो जीत हासिल हुई, उसके लिए मैं सभी मतादाताओं को धन्यवाद करता हूं। यह अभूतपूर्व जीत है…मैंने कभी खुद को मुख्यमंत्री नहीं माना। CM का मतलब कॉमन मैन होता है। मैंने कार्यकर्ता के रूप में काम किया…हमने आम जनता के जीवन में बदलाव लाने की कोशिश की…अब हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है…” “मैंने हमेशा एक कार्यकर्ता के तौर पर काम किया है। मैंने कभी खुद को मुख्यमंत्री नहीं माना। CM का मतलब कॉमन मैन होता है, मैंने यही सोचकर काम किया…हमें लोगों के लिए काम करना चाहिए…”

दिल्ली बुलाए गए महायुति के नेता

शिंदे, फडणवीस और पवार को बुलाया गया दिल्ली बता दें कि शिवसेना NCP के प्रमुख नेताओं और देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली बुलाया गया है। बीजेपी के हाईकमान ने कल प्रफुल्ल पटेल, अजीत पवार, देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के साथ अहम बैठक तय की है। बता दें कि महाराष्ट्र की 288 सीटों में से महायुति को 230 सीट मिली थी. बीजेपी ने 132 सीटों पर जीत हासिल की है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now