- Advertisement -
nashacm1nashacm1
- Advertisement -
nashacmaadnashacmaad
- Advertisement -
krishi vyapar mela 2026

तीर-धनुष और हथियार के साथ हजारों लोगों को बुलाकर न्यायिक व्यवस्था और केंद्रीय एजेंसियों को डराने की हो रही कोशिशः बीजेपी

Picture of Live Dainik

Live Dainik

January 21, 2024

रांचीः भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झामुमो प्रवक्ता के इस बयान पर जबरदस्त पलटवार किया है कि सीआरपीएफ का दुरुपयोग कर मुख्यमंत्री की पूछताछ के दौरान राज्य में बदहाल स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही थी। प्रतुल ने कहा कि कल ऐसा प्रतीत हो रहा था कि भ्रष्टाचार के आप पर चौतरफा घिरे मुख्यमंत्री ध्यान बंटाने के लिए सारी मर्यादा तोड़ रहे हैं। बीते कल ऐसा लग रहा था कि झामुमो का शीर्ष नेतृत्व झामुमो कार्यकर्ताओं से हिंसा तक करवा देंगे। प्रतुल ने कहा कि धारा 144 लगे होने के बावजूद मुख्यमंत्री के आह्वान पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के 10000 कार्यकर्ता हथियार लेकर मुख्यमंत्री के घर के पास पहुंच गए।मुख्यमंत्री इन कार्यकर्ताओं के जरिए क्या देश की न्यायिक व्यवस्था, न्यायाधीशों, केंद्रीय एजेंसी या देश के संविधान को डराना चाह रहे थे। भय का माहौल तो यह सरकार पैदा कर रही थी।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के पास जब धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू था। तो उसके बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के हजारों कार्यकर्ताओं को प्रशासन ने कैसे हथियार के साथ जाने की अनुमति दी? प्रतुल ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास में विधायकों और मंत्रियों का भी बिना बात का जमावड़ा लगा रहा।
प्रतुल ने कहा कि लगातार कल सारे टीवी चैनलों में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं का ईडी के अधिकारियों पर हमला और सेंदरा करने का आह्वान दिखता रहा।जब ईडी के अधिकारी जा रहे थे तो झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और कार्यकर्ता उन पर भड़काऊ नारे लगाते दिखे।
प्रतुल ने कहा कि बीच में तो स्थिति इतनी तनाव पूर्ण हो गई थी कि लग रहा था कि ईडी के अधिकारियों पर के साथ कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है। प्रतुल ने कहा कि मुख्यमंत्री तो खुद कानून का मौखौल उड़ाते रहे ।खुद ईडी के दफ्तर पूछताछ कराने नहीं गए। घर बुलाकर पूछताछ कराया। मुख्यमंत्री खुद चाहते थे परिस्थितियों बिगड़े और लाठी गोली चले। अगर कल सीआरपीएफ नहीं आती तो ईडी के साथ किसी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता था।
प्रतुल ने कहा कि पूछताछ के दौरान जिस तरीके से झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भड़काऊ नारे लगाए ,धारा 144 का उल्लंघन किया।अभी तक उनके खिलाफ कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं होना यह सिद्ध करता है कि यह सारा प्रदर्शन स्टेट के द्वारा प्रायोजित था।

See also  बिहार में नये मुख्यमंत्री चुने जाने से पहले राज्यपाल बदला गया, आरिफ मोहम्मद खान की जगह सैयद अता हसनैन को मिली जिम्मेदारी
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now