देश में मुसलमानों के अधिकार और सुरक्षा के लिए बने कानून, इदारा-ए-शरिया के कांफ्रेंस में बोले गुलाम रसूल बलियावी

लोहरदगा : ईदगाह मैदान में एदारा-ए-शरिया के तत्वाधान में आयोजित तहरीक-ए-बेदारी और इसलाहे मोआशरा कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए एरादा-ए-शरिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधानपार्षद गुलाम रसूल बलियावी ने केंद्र और राज्य सरकार से आदिवासी एक्ट और दलित एक्ट की तरह मुस्लिम सेफ्टी एक्ट बनाने की मांग की।

baliyaviबलियावी ने कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इस कांफ्रेंस का एक ही मकसद है कि अब हमें अपने हक और अधिकार की लड़ाई के लिए आगे आना होगा। उन्होने कहा कि देश में मॉब लिंचिंग के नाम पर लोगों को मारा जा रहा है वो बंद होना चाहिए। केंद्र सरकार इसके लिए देश में कानून बनाये। जो हमारे नबी सहित अन्य धर्मो के महान गुरूओं पर गलत बयान देते है उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

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बलियावी ने आगे कहा कि शिक्षा के मामले में मुस्लिम समाज अभी कमजोर है और गरीब परिवार चाहकर भी अपने बच्चों को तालीम नहीं दे पा रही है। इसके लिए सरकार दलित और ओबीसी के तहत मुस्लिम बच्चों को आवासीय विद्यालय कोचिंग युक्त बनाये ताकि बच्चे सिविल सर्विस की तैयारी करके अधिकारी बन सके। उन्होने आगे कहा कि मुस्लिम समाज का हेंडलूम उद्योग था वो भी बंद है। उसे सरकार खुलवाये और सब्सिडी दे ताकि मुस्लिम बच्चे जो बेरोजगार है वह अपना कारोबार चलाकर अपने परिवार का लालन पालन कर सके। राज्य के 592 मदरसों को सरकार अनुदान दें ताकि मदरसों में बहाल शिक्षकों को समय पर वेतन मिल सके।

lohardaga1 आगे मौलाना गुलाम रसूल बलियावी ने दहेज प्रथा को लेकर गहरी चिंता जाहिर की। उन्होने कहा कि आज हमारी कौम और मिल्लत के लोगों में शादियों में फिजूल खर्ची कर निकाह को महंगा कर दिया है। दहेज की डिमांड जैसी सामाजिक कुरीतियों के अलावा शादी एवं पार्टियों में डीजे, नाच, दहेज में नकदी को बंद करना चाहिए।

lohardaga इस कांफ्रेंस में विशिष्ठ अतिथि के रूप में जिले के पुलिस कप्तान हारिस बिन जमां, एसडीओ अमित कुमार, एदार-ए-शरीया झारखंड के नाजिमे आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी, मौलाना रेयाज आलम रजवी, मौलाना सैफुल्लाह, मौलाना जमाल अनवर, मुफ्ती गुलाम हुसैन, मौलाना अहसन रजा, मुफ्ती अवैस रजा मिस्बाही, मौलाना बेलाल अहमद आदि ने सम्बोधित किया।

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अध्यक्षता अंजुमन स्लामिया लोहरदगा के सदर हाजी मो. अफसर कुरैशी और संचालन नाजीमे आला मौलाना मोo कुतुबुद्दीन रजवी, मौलाना कफील, मौलाना समसुदीन बहराईच, सैयद गुलाम अहमद, रजवी पटना, मुफ़्ती अब्दुल मन्नान दिलकश राँचीवी अब्दुस्लाम रजवी ने संयुक्त रूप से किया। मौके पर मुफ़्ती सद्दाम सकाफी, मौलाना ऐनुल हक, हाफ़िज़ खुर्शीद अंसारी, हाफिज रिज़वान अंसारी, अंजुमन इस्लामिया के सचिव सफदर आलम, नाइब सदर नेहाल कुरैशी, सहसचिव मोजम्मील अंसारी, साकिर हुसैन अंसारी, वकील अंसारी, मोहीबुल्लाह अंसारी, अतहर अंसारी, रौनक इकबाल, अब्दुल रहमान, ज़फर इमाम, अख्तर अंसारी, तेतार खान, महताब आलम, अजीज अंसारी, मीर रिजवान, हनान अंसारी, रफ़ीक अंसारी, उल्फत अंसारी, इदरीश अंसारी, गुलाम जिलानी, शमशाद अंसारी, अहमद रजा, इम्तियाज अंसारी, सनीफ़ अंसारी मौके पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग उपस्थित थे।

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