रांचीः मंगलवार देर रात करीब 12.30 बजे रांची के डीसी और एसएसपी पुलिस बल के साथ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे और छात्रों से पूछताछ की। छात्रों का कहना है कि पुलिस ने स्टेडियम के अंदर और बाहर लाइटें बंद की और उन्हें बेवजह परेशान किया। उनकी मंशा आंदोलनकारियों को स्टेडियम से हटाने की थी। पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।


देर रात उपायुक्त और एसएसपी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और अवांछित तत्वों को ढूंढने का निर्देश दिया। डीसी ने छात्रों से साक्ष्य के साथ प्रशासन के पास आने का कहा। धरनास्थल पर भाजपा नेता भी पहुंचे।छात्रों को आशंका हुई कि प्रशासन उन्हें धरनास्थल से हटाने या गिरफ्तार करने की कार्रवाई कर सकता है। देखते ही देखते स्टेडियम का माहौल गर्म हो गया और बड़ी संख्या में छात्र एकजुट होकर प्रशासन के सामने डटे रहे।

#WATCH रांची, झारखंड: JPSC-JSSC उम्मीदवारों का विरोध-प्रदर्शन | DC मंजूनाथ भजंत्री ने कहा, “हमने भूख हड़ताल पर बैठे लोगों को कुछ खाने के लिए मनाने की कोशिश की ताकि उनकी सेहत पर बुरा असर न पड़े। हम आगे भी कोशिश करते रहेंगे।” pic.twitter.com/kiSZmk0SLu
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 11, 2026
पीयूष कुमार के अनुसार, अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से स्थल छोड़ने का कोई निर्देश नहीं दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कोर कमेटी के सदस्यों से नहीं, बल्कि केवल छात्रों से ही संवाद करेंगे।हालांकि, छात्रों की एकजुटता को देखते हुए प्रशासन का रुख कुछ देर बाद बदल गया। उपायुक्त और एसएसपी ने छात्रों से बातचीत की और स्पष्ट किया कि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखने से कोई आपत्ति नहीं है।
#WATCH रांची, झारखंड: JPSC-JSSC उम्मीदवारों का विरोध-प्रदर्शन | छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा, “SSP, DSP और DM यहां आए थे। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों से बात की और उनसे हड़ताल खत्म करने को कहा। उन्होंने CGL के छात्रों से भी बात की…हमें आधिकारिक तौर पर यहां से… pic.twitter.com/Twm35igogW
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उपायुक्त ने कहा कि वे छात्रों से मिलने और उनका हाल जानने के लिए पहुंचे हैं। वहीं, एसएसपी ने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी कि आंदोलन में कुछ बाहरी और असामाजिक तत्व भी शामिल हो सकते हैं।ऐसे लोगों को चिह्नित करने के लिए पुलिस की टीम स्टेडियम पहुंची है। इस बीच एसपी ने एक छात्रा से पूछताछ की जो उत्तर प्रदेश से आया था लेकिन उसके समर्थन को लेकर यहां के छात्रों ने असंतोष जाहिर किया।
विरोध करें लेकिन खाना खाएं
DC मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि हमने यह पक्का करने के लिए जांच की कि विरोध कर रहे छात्रों को किसी चीज की कमी न हो। अभी दो छात्र भूख हड़ताल पर हैं; हमने उनसे गुजारिश की है कि वे अपना विरोध जारी रखें, लेकिन खाना भी खाएं ताकि उनकी सेहत पर बुरा असर न पड़े। हमने उन्हें यह भी बताया कि ज़िला प्रशासन किसी भी तरह की बातचीत या चर्चा के लिए तैयार है। हमने उन्हें 24 घंटे मदद का भरोसा दिलाया, लेकिन हम उनसे अपील करते हैं कि वे किसी ऐसे अगले कदम की ओर बढ़ें जिसे असल में लागू किया जा सके, और हम उसमें पूरा सहयोग करेंगे।हमारे 14 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हमें हल्का बल प्रयोग करना पड़ा क्योंकि एक अफसर को बचाना जरूरी था और एक अन्य अफसर को कुछ लोगों द्वारा फेंका गया पत्थर लगा था; हालात को सामान्य करने के लिए दखल देना जरूरी था।
बाहरी लोगों को आंदोलन से दूर रखने की अपील
एसएसपी ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी बाहरी या असामाजिक तत्व को अपने आंदोलन का हिस्सा न बनने दें। उन्होंने छात्रों से रात में एक बार सभी लोगों से जानकारी लेने की भी अपील की कि वे कौन हैं और कहां से आए हैं। पुलिस प्रशासन ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहे, लेकिन किसी भी असामाजिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इस पर छात्र नेता कुणाल सिंह ने कहा कि आंदोलन में शामिल हर छात्र का सत्यापन करना संभव नहीं है। यह पुलिस प्रशासन और उसकी गोपनीय शाखा का काम है।छात्र अपने अधिकार और मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। जो भी व्यक्ति उनके समर्थन में आता है, उसका वे स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से उन्हें सहयोग मिलता रहा है।
#WATCH रांची, झारखंड: JPSC-JSSC उम्मीदवारों का विरोध-प्रदर्शन | सिटी SP पारस राणा ने कहा, "किसी को हिरासत में लेने के लिए कोई नहीं आया था...असल बात यह है कि इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर वीडियो वायरल करने के लिए वहां पहुंच गए थे। जब प्रशासन वहां पहुंचा तो उन्होंने इसका फायदा उठाया, ऐसी… pic.twitter.com/tvhpxgqabM
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छात्रों ने लगाया आंदोलन तोड़ने का आरोप
छात्र नेता उमेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि प्रशासन पहले धरना स्थल को खाली कराने का प्रयास कर रहा था। उनका कहना था कि विशेष रूप से जेपीएससी के छात्रों को आंदोलन से अलग करने की कोशिश की जा रही थी।उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के बीच फूट डालकर आंदोलन को कमजोर करने की नीति अपनाई जा रही है, लेकिन छात्र एकजुट हैं और अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
रात 1:30 बजे विधायक भानु प्रताप शाही पहुंचे
इसी बीच देर रात करीब 1:30 बजे भवनाथपुर विधायक भानु प्रताप शाही भी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनका मनोबल बढ़ाया। छात्रों ने विधायक के सामने एक बार फिर अपनी मांगें रखीं।विधायक ने कहा कि छात्रों की मांग उनके भविष्य से जुड़ी है और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए समाधान निकालना चाहिए।
आधी रात तक स्टेडियम में प्रशासन और छात्रों के बीच हलचल बनी रही। बड़ी संख्या में छात्रों के एकजुट होकर धरना स्थल पर डटे रहने के बाद पुलिस-प्रशासन ने कोई बल प्रयोग नहीं किया। देर रात तक छात्र अपने आंदोलन पर कायम रहे और प्रशासन से अपनी मांगों के समाधान की मांग करते रहे।







