रांचीः गृह एवं कारा विभाग ने रांची होटवार जेल में तैनात सजायाफ्ता कक्षपाल राहुल कश्यप को जांच के बाद बर्खास्त कर दिया है। जेल प्रशासन के द्वारा की गई जांच में राहुल कश्यप को लेकर कई सच्चाई उजागर हुई थी। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
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जेल आईजी ने की कार्रवाई
रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, होटवार जेल में तैनात कक्षपाल राहुल कश्यप को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही राहुल को किसी तरह का भुगतान विभाग से नहीं किया जाएगा इसका भी निर्देश जारी किया गया है। इस मामले में जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने गुरुवार को इससे संबंधित आदेश जारी किया है।बता दें कि राहुल कश्यप के सजायाफ्ता होने की बात छुपाकर रांची के होटवार जेल में उच्च कक्षपाल के पद पर नौकरी करने का मामला जांच में उजागर हुआ था। जिसके बाद कारा विभाग ने इस मामले की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया। गठित कमेटी ने जांच करने के बाद कारा विभाग को अपनी रिपोर्ट सौंपी।जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में राहुल कश्यप को दोषी पाया और बर्खास्त करने की अनुसंशा की थी। जिसके बाद विभाग ने राहुल को कारा हस्तक नियम 2025के विभागीय कार्यवाही के चेपटर 22 के रूल 255 एवं 256 सरकारी सेवक नियमावली 3(1)(3) के उलंघन का दोषी पाया और सेवा से बर्खास्त का साक्ष्य पाया।
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रांची जेल में काटी सजा, फिर वहीं करायी बहाली
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि राहुल के विरूद्ध 26 सितंबर 2010 में दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था। जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायालय ने राहुल को दस साल की सजा सुनाई थी। सजा होने के बाद 22 अप्रैल 2014 से 28 अप्रैल 2014 तक राहुल खूंटी उपकारा में सजावार बंद के रूप में बंद थे। इसके बाद उसे 29 अप्रैल 2014 को रांची के होटवार जेल में ट्रांसफर कर दिया गया। सितंबर 2014 तक राहुल होटवार जेल में बंद रहे, हालांकि 18 सितंबर 2014 को राहुल को हाईकोर्ट से जमानत मिली और वह जेल से बाहर आया।
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2017 से सजायाफ्ता की बात छुपा कर रखी थी राहुल
राहुल कश्यप ने जमानत मिलने के बाद वह नौकरी की तलाश करने लगा। इसी बीच कक्षपाल की बहाली के विज्ञापन निकला और 2017 को उसे कक्षपाल के पद पर बहाल कर दिया गया। हालांकि उसने अपने नियुक्त के आवेदन में सजायाफ्ता होने की बात अंकित नहीं की थी।




