कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव ने पेसा को लेकर पार्टी और सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, प्रदेश प्रभारी के सामने कहा-मैं किसी बंधन में नहीं बंधा

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January 8, 2026

कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव ने पेसा को लेकर पार्टी और सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, प्रदेश प्रभारी के सामने कहा-मैं किसी बंधन में नहीं बंधा

रांचीः कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के राजू ने बुधवार को राजधानी रांची में पार्टी की बड़ी बैठक बुलाई थी। इस बैठक में राज्य सरकार द्वारा लागू पेसा नियमावली पर चर्चा हुई। पेसा पर बोलते हुए पूर्व मंत्री और लोहरदगा से कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव ने पार्टी और सरकार को आड़े हाथों लिया और पेसा को लेकर अपनी भड़ास निकाली।

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प्रदेश प्रभारी के राजू के सामने ही पेसा नियमावली पर सवाल उठाते हुए रामेश्वर उरांव ने कहा कि मैं समाज के लोगों के साथ खड़ा हूं, किसी बंधन में नहीं बंधा हूं, नौकरी नहीं कर रहा हूं, पेसा नियमावली में कस्टमरी लॉ का पालन नहीं किया जा रहा है। पेसा कानून में गलती हुई है, कोई कोर्ट जायेगा, तो मैं भी साथ हूं। उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली एक्ट के अनुरूप नहीं हुआ तो वे आम लोगों और समुदाय का साथ देंगे, पार्टी का नहीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेसा को लागू करने के लिए तैयार नियमावली में कई कमियां हैं। विभिन्न समुदाय इस मुद्दे को उठा भी रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देने के लहजे में कहा कि इसमें सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार के पीछे पेसा भी
छत्तीसगढ़ में पिछला चुनाव कांग्रेस बुरी तरह से हार गई। यहां 2023 में पेसा लागू हो चुका था। जानकारी के अनुसार बैठक में बताया गया कि वहां भी नियमावली बनाने में चूक हुई थी और इसी चूक के कारण आदिवासी मतदाता कांग्रेस से दूर हो गए। इसके पूर्व के चुनाव में कांग्रेस को 29 में से 26 सीटों पर जीत मिली थी, जो बाद में बढ़कर 27 हो गई थी।
बैठक के बाद रामेश्वर उरांव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बैठक में हमने अपनी बात रखी थी। पेसा कानून लागू किया गया, अच्छी बात है, लेकिन इसके नियम का पालन नहीं किया गया है। पेसा कानून के मूल में तीन बातें हैं। पहला कस्टमरी लॉ, दूसरा सोशल व रिलीजियस प्रैक्टिस का संरक्षण और तीसरा ट्रेडिशन ऑफ लैंड एंड रिसोर्स। तीसरे के बारे में चर्चा है, लेकिन पहले और दूसरे का पालन नहीं किया गया है। उन्होने कहा कि हमने कोई विरोध नहीं किया है। प्रभारी से सुधार करने के लिए कहा है, हमें उम्मीद है कि इसमें सुधार होगा।

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इस मामले पर जब प्रदेश अध्यक्ष केशव कमलेश महतो से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि झारखंड में लागू पेसा नियमावली के खिलाफ जो बातें फैलायी जा रही है, उसके प्रति लोगों को जागरूक करना है। अगले एक माह के अंदर झारखंड में एसआईआर होने वाला है। सभी बीएलए की नियुक्ति कर उसकी पावती रसीद प्रदेश कांग्रेस के कनेक्ट सेंटर में जमा करनी है। मनरेगा को लेकर आम लोगों के बीच जाना है। गांधी जी का नाम मिटाने की कोशिश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव से लोगों को अवगत कराना है।

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