डेस्कः पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर एक के बाद एक ट्विस्ट सामने आ रहा है। पहले ममता बनर्जी की पार्टी का नाम और सिंबल शुक्रवार को चुनाव आयोग ने बदला, फिर ममता बनर्जी की पार्टी के उम्मीदवार संचित प्रधानी डे ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। उम्मीदवार के चुनाव मैदान से बाहर होने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को अपना समर्थद दे दिया। लेकिन शुक्रवार शाम को कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को एक पुराने केस में गिरफ्तार कर लिया गया। इस गिरफ्तारी ने राज्य के पहले से ही गरमाए सियासी माहौल में नई तल्खी पैदा कर दी है।
क्या बोलीं कांग्रेस प्रवक्ता?
कांग्रेस प्रवक्ता मीता चक्रवर्ती ने कहा, ‘आज ममता बनर्जी ने मिलन प्रधान को अपना समर्थन दिया। कुछ ही घंटों के भीतर कांग्रेस प्रत्याशी को गिरफ्तार कर लिया गया।अगर आप डराने-धमकाने का तरीका अपनाते हैं, विपक्ष को जगह नहीं देते तो क्या आप इस देश में तानाशाही चाहते हैं या लोकतंत्र? अगर आपको लगता है कि आप ऐसी धमकियों से कांग्रेस या विपक्ष को रोक सकते हैं तो आप पूरी तरह गलतफहमी में हैं।’

ममता ने दिया था कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन
ममता बनर्जी ने कहा, ‘हम नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस का समर्थन करेंगे ताकि इंडिया गठबंधन मजबूत हो सके। उनके पास एक अच्छा उम्मीदवार है, जिसको चुनाव में हम सपोर्ट करेंगे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह देश के व्यापक हित में है। रेजिनगर सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर मैं बाद में फैसला करूंगी।असम में हम चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।’
उन्होंने टीएमसी का सिंबल-नाम फ्रीज करने के फैसले पर चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा। ममता ने कहा, ‘हम संवैधानिक पद का अनादर नहीं करते, लेकिन हमें लगता है कि आज हमारे लोकतांत्रिक इतिहास में एक काला दिन है। हमारे देश में जो हो रहा है वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, असंवैधानिक, अवैध, अलोकतांत्रिक और एक राजनीतिक दल के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण बदला है।’





