बोकारोः झारखंड के बोकारो में एक सड़क हादसे के बाद इलेक्ट्रोस्टील कंपनी के खिलाफ मुआवजे को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे पर डुमरी विधायक जयराम महतो और चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक आमने–सामने आ गए हैं।
वीडियो वायरल: उमाकांत रजक 25 लाख मांगते दिखे
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उमाकांत रजक 25 लाख रुपये के मुआवजे की मांग कर रहे हैं। यह मामला तब तूल पकड़ा जब डुमरी विधायक जयराम महतो ने पहले 15 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की, लेकिन बाद में उमाकांत रजक ने दबाव बनाकर इसे 25 लाख तक बढ़वा दिया।
क्या है पूरा मामला?
बोकारो के अलकुशा निवासी शिबू हाजरा के बेटे विवेक हाजरा की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। ट्रेलर और बोलेरो की टक्कर में हुई इस दुर्घटना के लिए इलेक्ट्रोस्टील कंपनी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
- पहले डुमरी विधायक जयराम महतो ने मामले में हस्तक्षेप किया और कंपनी से 15 लाख के मुआवजे की मांग की।
- इसके बाद चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक पहुंचे और 25 लाख रुपये का मुआवजा तय करा दिया।
- आखिरकार, इलेक्ट्रोस्टील कंपनी ने बैकफुट पर जाते हुए 25 लाख रुपये देने पर सहमति जता दी।
सवाल उठता है – मुआवजे में इतना अंतर क्यों?
इस पूरे घटनाक्रम ने झारखंड की राजनीति में हलचल मचा दी है।
- क्या उमाकांत रजक का दबाव ज्यादा असरदार था?
- क्या जयराम महतो की पकड़ कमजोर पड़ गई?
- या फिर यह मुआवजा किसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा था?
ज़ाहिर है । मामला संवेदनशील है । मौत से जुड़ा ममला है । कंपनी बैकफ़ुट पर थी । जयराम महतो अपनी धाक जमाने के लिए पहुंचे तो उमाकांत रजक के इलाके में लेकिन चली जेएमएम विधायक और आख़िरकार कंपनी ने पंद्रह की बजाए पच्चीस लाख के मुआवजे पर समझौता कर लिया । जयराम महतो के लिए भले ही ये राजनीतिक तौर से पटखनी हो लेकिन पीड़ित परिवार के जख्मों पर एक तरह से मरहम का काम करेगा ये मुआवजा ।
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