Jharkhand Politics (Champai Soren) : राज्य के मुख्यंमंत्री चंपाई सोरेन ने भले ही सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन वह इस फैसले से फैसले से नाखुश हैं। इस्तीफे पर चर्चा के दौरान वह भावुक भी हो गए थे। इस्तीफे से एक दिन पहले ही चंपाई नाराज बताए गए। दो जुलाई को उन्होंने अपने सारे कार्यक्रम निरस्त कर दिए थे। पीजीटी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने, दुमका में परिसंपत्तियों के वितरण जैसे प्रमुख कार्यक्रम निरस्त किए गए थे। मंगलवार की दोपहर हेमंत सोरेन खुद चंपाई सोरेन के मोरहाबादी आवास पहुंचे थे। उस दिन हेमंत सोरेन ने दो बार सीएम चंपाई सोरेन से मिले और तकरीबन 20 मिनट तक उन्होंने बात की थी।
चर्चा के बीच हो गए थे भावुक
सूत्र बता रहे है कि हेमंत सोरेन नाराज चंपाई को मनाने पहुंचे थे। मंगलवार रात पार्टी की तरफ से मंत्री मिथिलेश ठाकुर भी चंपाई सोरेन के आवास पहुंचे थे। बुधवार को चंपाई ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक के लिए मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, वहां इस्तीफे पर चर्चा हुई, इस दौरान वह भावुक भी हो गए थे। हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद चंपाई सोरेन को झारखंड की कमान सौंपी गई थी।
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नेतृत्व परिवर्तन से क्या होगा फायदा
हेमंत सोरेन झारखंड में इंडिया गठबंधन के सर्वमान्य नेता हैं। जेल जाने की वजह से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। लेकिन पार्टी से लेकर सहयोगी दलों में उनके नाम पर कोई विवाद नहीं था। हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद राज्य भर में यह नैरेटिव बना है कि एजेंसियों के दुरुपयोग के कारण उन्हें जेल भेजा गया था।
विधानसभा चुनाव के पहले बतौर सीएम अपने कार्यों को उपलब्धि के तौर पर गिनाने का मौका हेमंत सोरेन को मिल पाएगा। हेमंत सोरेन विधानसभा चुनाव में भी इंडिया गठबंधन का चेहरा होंगे, यह भी वजह रही कि चुनाव पूर्व उन्हें फिर से पदस्थापित किया गया। जेल में रहने के दौरान लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को लाभ मिला है।
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पहले नकारा, फिर ले लिया इस्तीफा
इससे पहले मुख्यमंत्री आवास आने वाले कुछ विधायकों ने मीडियाकर्मियों से बातचीत भी की। किसी भी विधायक ने इस बात को तो नहीं नकारा कि नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन अधिकारिक रूप से सभी यह कहने से बचते रहे। सभी का यही कहना था कि बैठक में विधानसभा चुनाव की तैयारी और विधायकों के पांच साल के कामकाज को लेकर बातचीत होगी। विधायकों को घेरकर मीडियाकर्मी आधिकारिक बयान लेने की भी कोशिश करते दिखे। दूसरी तरफ आवास के बाहर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था में कोई व्यवधान नहीं हो, इसलिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
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