जमशेदपुरः मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी मां के निधन के बाद पहली बार अपने ननिहाल गये। पत्नी कल्पना सोरेन और बहन अंजली सोरेन के साथ धातकीडीह अपने मामा के घर पहुंचे। मां रूपी सोरेन के निधन के बाद रस्म पूरा करने वो अपने चांडिल स्थित मामा के घर गये।
इसी दौरान रास्ते में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चांडिल डैम का निरीक्षण किया। उन्होंने डैम की प्राकृतिक सुंदरता को पर्यटन की बड़ी संभावना बताते हुए सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त को डैम और आसपास के क्षेत्र के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक और पर्यावरण अनुकूल ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश दिया।
झारखण्ड की धरती पर प्रकृति का अनुपम उपहार - चांडिल। 💚
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— Kalpana Murmu Soren (@JMMKalpanaSoren) November 3, 2026
बोटिंग और पर्यटकों की सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को डैम आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और नौकायन (बोटिंग) की व्यवस्था को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को इस तरह विकसित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक पर्यटक आकर्षित हों और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ा जा सके।
जल प्रबंधन और बिजली उत्पादन पर भी बनेगी योजना
मुख्यमंत्री ने चांडिल परियोजना से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के साथ जल प्रबंधन, बिजली उत्पादन और उससे जुड़े अन्य पहलुओं पर भी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डैम और आसपास के क्षेत्र का विकास पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
चांडिल की प्राकृतिक सुंदरता केवल मन मोह लेने वाला अनुभव नहीं, बल्कि झारखंड में पर्यटन को नई पहचान देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार एवं आजीविका को नई गति प्रदान करने की अपार संभावनाएं भी समेटे हुए है। https://t.co/OyXXoCIeSd
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) November 3, 2026
धातकीडीह जाने के क्रम में चांडिल डैम पहुंचे थे CM
मुख्यमंत्री धातकीडीह जाने के क्रम में चांडिल डैम पहुंचे थे। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी और विधायक कल्पना सोरेन, विधायक सविता महतो, विधायक सोमेश चंद्र सोरेन, कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त रविरंजन कुमार विक्रम, उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, चांडिल के एसडीएम नितिन शिवम गुप्ता समेत जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। धातकीडीह (कांगलाटांड़) स्थित मामा घर में मुख्यमंत्री पारिवारिक परंपरा के तहत रस्म अदायगी के लिए पहुंचे थे। इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी का स्वागत किया गया। वहीं, प्रशासन की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार माता-पिता के निधन के बाद अंतिम संस्कार, श्राद्धकर्म और अस्थि विसर्जन की रस्में पूरी करने के पश्चात मामा घर जाकर पारंपरिक रस्म अदायगी करने की परंपरा है। इस दौरान मामा घर में पैर धोकर स्वागत किया जाता है और भोजन कराने की परंपरा निभाई जाती है। बताया जाता है कि मामा घर में छुतका दूर किया जाता है।
गौरतलब है कि बीते दिनों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन का निधन हो गया था। इसके बाद अंतिम संस्कार, श्राद्धकर्म और अस्थि विसर्जन की पारिवारिक परंपराएं पूरी करने के पश्चात मुख्यमंत्री मंगलवार को अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ धातकीडीह स्थित मामा घर पहुंचे और पारंपरिक रस्म अदायगी की। सीएम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक भागदौड़ करते हुए व्यस्त देखे गए।







