रांचीः सीसीएल के सेंट्रल सर्वर में तकनीकी खराबी आने से कोयले का डिस्पैच ठप हो गया है। शनिवार की शाम तक इसको दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही थी। सर्वर में शुक्रवार की देर रात दिक्कत आयी है। इसके बाद से डिस्पैच नहीं हो रहा है। इससे कंपनी को करोड़ो रुपये का नुकसान हो रहा है। ग्राहकों को कोयले की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। शनिवार देर रात इसे दुरुस्त किया गया।
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कोल इंडिया की कंपनियों में मैनुअल बिलिंग की व्यवस्था बंद कर दी गयी है। खदान से कोयला जब डिस्पैच के लिए वजन घर में जाता है, तो वहां से वजन होते ही ऑन लाइन बिल जेनरेट हो जाता है। यह सैप के माध्यम से होता है। इसका पूरा नियंत्रण सेंट्रल सर्वर में होता है। बिल की एक कॉपी ग्राहक को भी मेल के माध्यम से मिल जाती है। ग्राहक को पता चल जाता है कि उनका कोयला डिस्पैच हो गया है। कोयले की वजन और कीमत की जानकारी भी मिल जाती है। सीसीएल चंडीगढ़ की एक कंपनी के सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रही है। इसी कंपनी के सॉफ्टवेयर में वायरस आ गया है।
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सीसीएल के सीएम डी एनके सिंह ने बताया कि शुक्रवार देर रात र्सवर में कुछ तकनीकी खराबी आ गयी थी, इससे डिस्पैच प्रभावित हुआ था। शनिवार देर रात इसे दुरुस्त कर लिया गया है। अब सभी एरिया में डिस्पैच शुरू हो गया है। हर दिन करीब 3.2 लाख टन कोयले का डिस्पैच करने का लक्ष्य सीसीएल ने रखा है। औसतन 2.3 से 2.5 लाख टन कोयले का डिस्पैच हो रहा है। कंपनी ने अब तक 71.92 लाख टन कोयला डिस्पैच का लक्ष्या रखा। इसकी तुलना में कंपनी ने करीब 46.52 लाख टन कोयले का ही डिस्पैच अब तक किया है।




