CBI ने 47 साल से भगोड़े अपराधी को पकड़ा, 1977 में किया था बड़ा बैंक फ्रॉड

CBI ने 47 साल से भगोड़े अपराधी को पकड़ा, 1977 में किया था बड़ा बैंक फ्रॉड

डेस्कः सीबीआई की टीम ने बैंक ऑफ इंडिया में 5 लाखद 69 हजार रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में फरार घोषित अपराधी सतीश कुमार आनंद को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने बुधवार को बताया कि सतीश कुमार आनंद को दिल्ली के रोहिणी पूर्व इलाके से गिरफ्तार किया गया है। 05-05-1978 को सीबीआई ने तत्कालीन बैंक शाखा प्रबंधक सतीश कुमार आनंद सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

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क्या है मामला
आरोप लगाया गया था कि आरोपी तत्कालीन बैंक शाखा प्रबंधक ने 1977 के दौरान शाखा प्रबंधक के रूप में पदस्थ और कार्यरत रहते हुए बैंक को धोखा देने के लिए सतीश कुमार आनंद के साथ आपराधिक साजिश रची थी। उक्त बैंक शाखा प्रबंधक ने बिलों के साथ प्रस्तुत जाली रसीद पर एक निजी कंपनी को ऋण दिया, जिसमें माल की गलत तरीके से डिलीवरी दिखाई गई थी, और इस वजह से बैंक को गलत तरीके से नुकसान हुआ और आरोपी सतीश कुमार आनंद को 5,69,000/- रुपये का आर्थिक लाभ हुआ।

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जांच के बाद CBI ने तीनों आरोपियों – तत्कालीन बैंक शाखा प्रबंधक सतीश कुमार आनंद और अशोक कुमार के खिलाफ CBI, देहरादून के विशेष न्यायाधीश की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। सीबीआई, देहरादून के विशेष न्यायाधीश ने 19.06.1985 को दिए फैसले में आरोपी सतीश कुमार आनंद और अशोक कुमार को दोषी करार देते हुए 5 साल की कैद और 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया था। आरोपी तत्कालीन बैंक शाखा प्रबंधक को बरी कर दिया गया था। दोषसिद्धि के बाद आरोपी सतीश कुमार आनंद फरार हो गया था। सीबीआई, भ्रष्टाचार निरोधक विशेष न्यायाधीश देहरादून की अदालत ने 30.11.2009 के आदेश में फरार सतीश कुमार आनंद को उद्घोषित अपराधी घोषित किया था। गिरफ्तार उद्घोषित अपराधी सतीश कुमार आनंद को आज यानी 25 जून, 2025 को सीबीआई, देहरादून के विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश किया जाएगा।

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