डेस्कः बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) की सख्ती लगातार जारी है। मुजफ्फरपुर जिले में गुरुवार को निगरानी टीम ने साहेबगंज नगर परिषद में पदस्थापित कनीय अभियंता (JE) अमन कुमार को 9 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। जिले में बीते 72 घंटे के भीतर यह भ्रष्टाचार के खिलाफ तीसरी बड़ी कार्रवाई है, जिससे प्रशासनिक महकमों में हड़कंप मच गया है।
मुजफ्फरपुर में दारोगा रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, केस डायरी से नाम हटाने के लिए मांगे थे 30 हजार रुपए
क्या है पूरा मामला? : दरअसल, साहेबगंज नगर परिषद के वार्ड संख्या-12 (ग्राम-नाही) निवासी राजकुमार तिवारी ने पटना स्थित विशेष निगरानी इकाई में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके क्षेत्र में कराए गए पेवर ब्लॉक कार्य के भुगतान और संबंधित कागजी प्रक्रिया के एवज में JE अमन कुमार 9 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे।
निगरानी विभाग का जाल : शिकायत की सत्यता जांच में सही पाए जाने के बाद निगरानी विभाग ने ट्रैप टीम गठित की। तय योजना के अनुसार जैसे ही गुरुवार को अमन कुमार ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से तैनात निगरानी टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली। इस संबंध में निगरानी थाना कांड संख्या-07/2026 दर्ज की गई है।
72 घंटे में तीन बड़ी कार्रवाई : मुजफ्फरपुर जिले में लगातार तीसरे दिन हुई इस कार्रवाई ने भ्रष्ट अधिकारियों में खलबली मचा दी है। आइये आपको बताते हैं तीन दिनों में किसे दबोचा गया-
17 फरवरी : प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार।
18 फरवरी : सदर थाना में पदस्थापित दरोगा भास्कर कुमार मिश्रा 15 हजार रुपये लेते पकड़े गए।
19 फरवरी : साहेबगंज नगर परिषद के JE अमन कुमार 9 हजार रुपये रिश्वत के साथ गिरफ्तार।



