Breaking News: खनिज और खदानों पर राज्य सरकारें भी लगा सकेगी टैक्स, सु्प्रीम कोर्ट के 9 जजों के संवैधानिक बेंच का 8:1 से फैसला, माले विधायक ने किया स्वागत

Picture of Live Dainik

Live Dainik

July 25, 2024

MINRALS

दिल्लीः खनिज बहुल वाले राज्य झारखंड के लिए बहुत बड़ी खबर है। इस फैसले के बाद राज्य की आर्थिक हालत बदल सकती है । देश की सबसे बड़ी अदालत ने  गुरुवार को बृहस्पतिवार को कहा कि संविधान के तहत राज्यों के पास खदानों और खनिज युक्त भूमि पर कर लगाने का विधायी अधिकार है। सर्वोच्च न्यायालय की नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 8:1 के बहुमत के फैसले में कहा कि खनिजों पर देय ‘रॉयल्टी’ टैक्स नहीं है।

विनोद सिंह ने किया स्वागत

सीपीआईएमल के विधायक विनोद सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है । उन्होंने कहा कि इससे झारखंड को फायदा होगा और राजस्व बढ़ेगा।

केंद्र को नहीं राज्य को है खदानों पर टैक्स का अधिकार

मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी. वाई. चंद्रचूड़ ने अपने और पीठ के सात न्यायाधीशों के फैसले को पढ़ा जिसमें कहा गया कि संविधान की दूसरी सूची की प्रविष्टि 50 के अंतर्गत संसद को खनिज अधिकारों पर कर लगाने की शक्ति नहीं है। बहुमत के फैसले में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वर्ष 1989 में सात न्यायाधीशों की संविधान पीठ द्वारा दिया गया वह फैसला सही नहीं है जिसमें कहा गया था कि खनिजों पर ‘रॉयल्टी’ कर है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि पीठ ने दो अलग-अलग फैसले दिए हैं और न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना ने असहमतिपूर्ण फैसला दिया है।

See also  Love Story: जिस प्यार के लिए पिता नेहरू से लड़ गईं इंदिरा गांधी, क्या उससे बाद में मिला धोखा

कर और रॉयल्टी में फर्क

न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि राज्यों के पास खदानों तथा खनिज युक्त भूमि पर कर लगाने का विधायी अधिकार नहीं है । प्रधान न्यायाधीश और न्यायमूर्ति नागरत्ना के अलावा पीठ के अन्य सदस्य न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय, न्यायमूर्ति अभय एस. ओका, न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति उज्ज्ल भुइयां, न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह हैं। पीठ ने इन विवादास्पद मुद्दे पर फैसला सुनाया कि क्या खनिजों पर देय ‘रॉयल्टी’ खान तथा खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत कर है। क्या केवल केंद्र को ही ऐसा कर लेने का अधिकार है या राज्यों को भी अपने क्षेत्र में खनिज युक्त भूमि पर कर लेने का अधिकार है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now