Bihar Result RJD Seats LIVE: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों में किसकी सरकार बनने वाली है, इसको लेकर सभी अटकलों पर आज विराम लग जाएगा। शुक्रवार को बिहार विधानसभा चुनाव का परिणाम आने वाला है। एनडीए में शामिल नीतीश कुमार की जदयू या फिर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सबसे बड़ी विजेता बनेगी या नहीं। शुक्रवार सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होते ही रुझान मिलने लगेंगे।
बिहार में तेजस्वी यादव की अगुवाई में महागठबंधन सरकार बनाने के लिए राजद का अधिकतम सीटें जीतना जरूरी है। RJD बिहार विधानसभा की 243 में 143 सीटों पर चुनाव लड़ी है। 2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा था। तेजस्वी यादव लगातार यह दावा करते रहे हैं कि इस बार बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने जा रही है। बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना से जुड़ा हर एक अपडेट पढ़िए…
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सुबह 7:36 बजे – बिहार विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती आज होनी है। इसके लिए राज्य के 38 जिलों में 46 मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के अनुसार, मतगणना की तैयारियों के कारण पटना में शुक्रवार को सभी स्कूल बंद रहेंगे।
महागठबंधन ने सीट बंटवारे में आंतरिक कलह के बावजूद तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया। तेजस्वी रघोपुर से अपनी पुरानी सीट पर उम्मीदवार हैं। आरजेडी ने इस चुनाव में बेरोजगारी, प्रवासन और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों को उठाया। तेजस्वी यादव ने वादा किया कि सरकार बनने पर बिहार में हर एक घर एक सरकारी नौकरी दी जाएगी।
मतगणना से पहले जो एग्जिट पोल आए उनमें महागठबंधन के हाथ निराशा लगती दिखी। तमाम एग्जिट पोल बिहार में 2025 में एनडीए की सरकार बनवा रहे हैं। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन ने कड़ा मुकाबला किया, लेकिन एनडीए ने 125 सीटें हासिल कर सत्ता बरकरार रखी। महागठबंधन को कुल 110 सीटें मिलीं, जो बहुमत से महज 12 कम थीं।
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आरजेडी ने 144 सीटों पर लड़ीं और 75 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन गई। कांग्रेस को 70 में से 19 और वाम दलों को 13 सीटें मिलीं। तेजस्वी यादव ने रघोपुर से 38,000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज की और विपक्ष के नेता बने। उनका न्याय और बदलाव का नारा, खासकर नौकरियों पर फोकस युवाओं को आकर्षित करने में सफल रहा। मगर, सीमांचल क्षेत्र में अल्पसंख्यक वोटों का बंटवारा और चिराग पासवान की एलजेपी की रणनीति ने गठबंधन को नुकसान पहुंचाया।
तेजस्वी यादव का 2020 का प्रदर्शन आरजेडी और महागठबंधन के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। मात्र 30 वर्ष की उम्र में वे मुख्यमंत्री पद के दावेदार बने और एग्जिट पोल्स में उन्हें बढ़त दिखाई गई। उनकी रणनीति ने बिहार की राजनीति को युवा-केंद्रित बनाया, जहां बेरोजगारी और पलायन प्रमुख मुद्दे थे।
चुनाव के बाद वे विधानसभा में विपक्ष के नेता बने और नीतीश कुमार सरकार पर लगातार हमला बोला। 2022 में नीतीश के एनडीए छोड़ने पर वे फिर उपमुख्यमंत्री बने, लेकिन 2024 में गठबंधन टूटने पर विपक्ष में लौटे। 2025 में तेजस्वी यादव फिर सीएम चेहरा हैं, जिन्होंने 2020 की हार से सबक लेते हुए अल्पसंख्यक और महिला मुद्दों पर जोर दिया है।
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