रांचीः शराब घोटाले में गिरफ्तार निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे को एसीबी कोर्ट ने बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने 100 करोड़ से अधिक के शराब घोटाले में विनय चौबे को जमानत दे दी है। कोर्ट में विनय चौबे की ओर से डिफॉल्ट जमानत देने का आग्रह किया गया था।
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बता दें कि शराब घोटाले में गिरफ्तार विनय चौबे समेत अन्य के खिलाफ 90 दिनों के बाद चार्जशीट दायर नहीं की गई थी।अदालत में 25-25 हजार को दो निजी मुचलका भरने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने शर्त लगाई है कि बिना अनुमति के वह राज्य नहीं छोड़ सकते हैं और अपना मोबाइल नंबर भी नहीं बदल सकते हैं। गौरतलब है कि एसीबी ने शराब घोटाले में पूर्व उत्पाद सचिव व जेएसबीसीएल के प्रबंध निदेशक रहे विनय चौबे को 20 मई को FIR दर्ज किए जाने के बाद गिरफ्तार किया था। केस में सरकारी पदाधिकारियों के अलावे राज्य में कार्यरत प्लेसमेंट एजेंसियों से जुड़े निदेशक व उनके स्थानीय प्रतिनिधियों की भी गिरफ्तारी एसीबी ने की है।शराब घोटाले में वर्तमान में विनय कुमार चौबे समेत 10 आरोपी जेल में बंद है।
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20 मई को एसीबी ने विनय चौबे और उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। 21 मई को जेएसबीसीएल के वित्त महाप्रबंधक सुधीर कुमार दास और पूर्व महाप्रबंधक सुधीर कुमार की गिरफ्तारी हुई थी। गजेंद्र सिंह को जमानत मिल चुकी है। इसके चलते मंगलवार, 19 अगस्त तक सिर्फ विनय कुमार चौबे ही डिफॉल्ट बेल के पात्र हैं। हालांकि वह हजारीबाग से जुड़े जमीन घोटाले में भी आरोपी हैं। अगर मंगलवार को भी चार्जशीट दाखिल नहीं की जाती है तो ऐसे में 21 मई को गिरफ्तार अन्य आरोपी भी डिफॉल्ट बेल के पात्र हो जाएंगे।


