रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रांची के एक निजी अस्पताल में नवजात शिशु की मौत के बाद उससे जुड़ी हृदयविदारक घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इसे “मानवता को शर्मसार करने वाला जघन्य अपराध” बताया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
मरांडी ने कहा कि अरगोड़ा स्थित लिटिल हार्ट हॉस्पिटल ने एक मृत नवजात को चार दिनों तक वेंटिलेटर पर रखकर परिजनों से लाखों रुपये वसूले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया है कि बच्चे की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी, फिर भी अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों ने परिजनों को गुमराह करते हुए इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूली।
डॉक्टरों द्वारा शव देखने के बाद ही यह साफ हो गया कि मृत्यु काफी पहले हो चुकी थी। शव सड़ने की स्थिति में था और उसमें से दुर्गंध भी आ रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी जाएगी, जिसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी।
घटना की शिकायत मिलने पर पुलिस ने नवजात के शव को कब्जे में लेकर रिम्स में पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट मिलने में लगभग 10-15 दिन लग सकते हैं। पुलिस ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले नवजात के पिता मुकेश सिंह, निवासी विद्यानगर, हरमू, ने अरगोड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।बाबूलाल मरांडी ने इस अमानवीय कृत्य की निंदा करते हुए कहा कि इस हरकत ने चिकित्सा पेशे की गरिमा को कलंकित किया है और एक शोकाकुल परिवार की भावनाओं के साथ निर्ममता से खिलवाड़ किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों ने परिजनों से झूठ बोला कि बच्चा जीवित है और चार दिनों तक वेंटिलेटर पर रखे जाने का बहाना बनाकर लाखों रुपये का बिल थमा दिया गया। मरांडी ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि इस गंभीर मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषी डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




