गैंगस्टर मयंक सिंह को रांची लेकर पहुंची ATS की टीम, अजरबैजान से प्रत्यर्पण कर लाया गया झारखंड

Picture of Live Dainik

Live Dainik

August 23, 2025

गैंगस्टर मयंक सिंह को रांची लेकर पहुंची ATS की टीम, अजरबैजान से प्रत्यर्पण कर लाया गया झारखंड

रांचीः लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू का करीबी गैंगस्टर मयंक सिंह को अजबैजान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाया गया। एटीएस एसपी ऋषभ झा के नेतृत्व में एंटी टेरस्टि स्कॉड की टीम सुनील मीणा उर्फ मयंक सिंह को लेकर रांची पहुंची। रांची एयरपोर्ट से मयंक सिंह को बख्तरबंद गाड़ी में लेकर एटीएस की टीम रामगढ़ लेकर रवाना हो गई।

रांची के RIMS अस्पताल स्थित कैंटीन का लाइसेंस रद्द, किया गया सील, चाय पीते ही महिला डॉक्टर की बिगड़ गई थी तबीयत
मयंक सिंह झारखंड का पहला ऐसा गैंगस्टर है जिसे विदेश से प्रत्यार्पण कर लाया गया है। उसका अपराधिक इतिहास बहुत लंबा है। एटीएस की टीम उससे लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू गैंग के कनेक्शन के बारे में पूछताछ करेगी और कई राज खोलने की कोशिश करेगी। मयंक सिंह पर हत्या, रंगदारी, धमकी, फायरिंग और आपराधिक षड्यंत्र के 45 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से फरार था और भारत से बाहर छिपकर अपने नेटवर्क को सक्रिय कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, मयंक सिंह राज्य के कई बड़े व्यापारियों और ठेकेदारों से वसूली करता था और उसके इशारे पर फायरिंग, हत्या की घटनाएं कराई जाती थीं।

See also  देश के दो बड़े गैंगस्टर में हो गया विवाद, लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार के बीच हो गई दरार

झारखंड में बारिश का कहर, चतरा के 4 प्रखंडों में बाढ़ जैसे हालात, तिलैया डैम के फाटक खोले गए, रांची में आज बारिश का येलो अलर्ट
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मयंक सिंह का सीधा कनेक्शन लॉरेंस बिश्नोई गैंग और झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू से है. यही कारण है कि उसे पुलिस के लिए बड़ा खतरा माना जाता था। वह विदेश से भी अपने गुर्गों को निर्देश देता था और रंगदारी के लिए फोन कॉल्स करवाता था।इंटरपोल की मदद से झारखंड पुलिस ने पहले उसका लोकेशन ट्रैक किया। फिर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और सीबीआई की इंटरपोल शाखा के सहयोग से उसका प्रत्यर्पण संभव हो सका। कई महीनों की मेहनत और कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार पुलिस को सफलता मिली है।

See also  पेट्रोल-डीजल के दाम में फिर बढ़ोतरी, CNG भी हो गई महंगाी

 

पटना में भीषण सड़क हादसा,ट्रक ऑटो की टक्कर में गंगा स्नान करने जा रहे 7 लोगों की मौत, सात घायल
सुनील मीणा पहले काम के लिए मलेशिया गया था, जहां वह रोहित गोदारा, गोल्डी बरार और संपत नेहरा के माध्यम से लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में आया। मलेशिया से ही उसने अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देना शुरू कर दिया था। उस पर लॉरेंस बिश्नोई के कहने पर राजस्थान और पंजाब में हत्या, रंगदारी और गोलीबारी जैसी घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है।सुनील मीणा पहली बार तब सुर्खियों में आया जब उसने राजस्थान के तत्कालीन राहत एवं आपदा प्रबंधन मंत्री और कांग्रेस विधायक गोविंद राम मेघवाल से रंगदारी मांगी थी। उसने राजस्थान के एक पेट्रोल पंप मालिक से भी पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी, और जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो सुनील ने उस पर फायरिंग करवा दी थी।

Video: चतरा में भारी बारिश का कहर: पति-पत्नी बहे, 5 हजार मुर्गियां मरीं…लोग ने कहा पूरी जिंदगी ऐसी बारिश नहीं देखी
जांच से पता चला है कि पासपोर्ट रद्द होने के बाद, सुनील मीणा डंकी रूट (अवैध तरीके से विदेश जाने का रास्ता) के जरिए सिंगापुर, ईरान और मेक्सिको होते हुए यूएसए पहुंच गया था.ऐसा कहा जाता है कि वह वहीं से अमन साहू गिरोह के लिए पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के आपराधिक गिरोहों से सदस्यों की भर्ती कर रहा था।इसके अलावा, वह मयंक सिंह के साथ मिलकर झारखंड, बंगाल और छत्तीसगढ़ में कोयला और परिवहन कंपनियों से रंगदारी वसूलने की योजना भी बना रहा था।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now