पटनाः चुनाव आयोग ने बिहार के बांकीपुर के साथ मध्यप्रदेश और गुजरात के एक-एक सीट पर उपचुनाव का एलान गुरुवार को किया। बांकीपुर सीट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की पारंपरिक सीट रही है। बांकीपुर से नितिन नबीन के पिता नवीन सिन्हा भी विधायक रहे थे। नवीन सिन्हा के निधन के बाद इस सीट से नितिन नबीन लगातार चुनाव जीतकर आ रहे थे। बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन बिहार से राज्यसभा चले गए और विधायक का पद छोड़ दिया। अब इस सीट पर 30 जुलाई को वोटिंग होगी और 3 अगस्त को परिणाम आयेगा।बांकीपुर सीट बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा की सीट है। इस सीट पर बीजेपी की ओर से कौन चुनाव लड़ेगा इस पर सबकी नजर होगी। प्रशांत किशोर और तेजप्रताप यादव ने इस सीट से अपने उम्मीदवार को उतारने का एलान पहले ही कर दिया है।
6 जुलाई से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार उपचुनाव की अधिसूचना 6 जुलाई को जारी की जाएगी। इसी दिन से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।उम्मीदवार 13 जुलाई तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 14 जुलाई को होगी, जबकि 16 जुलाई तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे।
इसके बाद चुनाव प्रचार जोर पकड़ेगा और 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा। मतों की गणना 3 अगस्त को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

भाजपा और राजद ने अभी नहीं खोले पत्ते
उपचुनाव की तारीखों की घोषणा के बावजूद प्रमुख राजनीतिक दलों ने अभी अपने उम्मीदवारों के नाम का एलान नहीं किया है।भाजपा के सामने अपनी परंपरागत सीट बचाने की चुनौती होगी, जबकि राजद इस सीट पर जीत दर्ज कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश करेगा।हालांकि, राजद से अलग हो चुके तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी की ओर से वीणा मानवी को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इससे चुनावी मुकाबले में नया समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशांत किशोर की सक्रियता भी बढ़ी
उधर, जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर भी बांकीपुर उपचुनाव को लेकर लगातार सक्रिय हैं। वह क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं और लोगों से भाजपा के खिलाफ मतदान करने की अपील कर रहे हैं।


