रांचीः हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र के ब्लेयर अपार्टमेंट के रहने वाले 45 वर्षीय बिल्डर अनुराग सरावगी की मौत मामले में अस्वाभाविक मौत का केस दर्ज किया गया है। केस मृतक के भतीजे कांके रोड़ के रहने वाले नवनीत सरावगी की शिकायत पर दर्ज हुआ।
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इधर, अनुराग सरावगी के परिवार और ब्लेयर अपार्टमेंट के गार्ड से बातचीत के बाद जो तथ्य सामने आये हैं, उसके मुताबिक गुरुवार रात 10.17 बजे बिल्डर की मौत छठे माले की बालकनी से गिर जाने की वजह से हुई। नीचे गिरने की आवाज सुन बिल्डिंग के गार्ड ने घर में काम करनेवाली मेड को बुलाया और शव की शिनाख्त करायी। परिवार के मुताबिक लगता है कि अनुराग घर की बालकनी पर मोबाइल से किसी से बात कर रहे थे, इसी दौरान उनका मोबाइल हाथ से छूट गया और उसे पकड़ने के प्रयास में यह हादसा हुआ।
इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। हिंदपीढ़ी थानेदार ने बताया कि घटना किसी ने देखा नहीं है। आशंका के आधार पर ही प्राथमिकी हुई है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों को खंगालने की बात कह रही है। डीएसपी प्रकाश सोए ने बताया कि इस मामले में सबसे पहले अनुराग सरावगी के घर में काम करने वाली नौकरानी का बयान लिया जाएगा।
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नौकरानी ने प्रारंभिक जानकारी में पुलिस को बताया है कि घटना से पहले अनुराग सरावगी फोन पर किसी से जोर जोर से चिल्लाते हुए बातचीत कर रहा था। इसी बयान को जांच का अहम बिंदु मानते हुए पुलिस अब अनुराग सरावगी के मोबाइल फोन की काल डिटेल खंगाल रही है।पुलिस का कहना है कि काल डिटेल रिकार्ड से यह स्पष्ट किया जाएगा कि अनुराग सरावगी ने अंतिम बार किस व्यक्ति से बातचीत की थी। अंतिम काल की पहचान होने के बाद संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की जाएगी, ताकि यह पता चल सके कि बातचीत का विषय क्या था और क्या इसका घटना से कोई संबंध है।वहीं, अंतिम यात्रा में शामिल कुछ लोगों के बीच यह चर्चा भी सामने आई कि संभव है अनुराग सरावगी का मोबाइल फोन हाथ से गिर गया हो और उसे पकड़ने के प्रयास में वह छठे तल्ले से नीचे गिर गया हो।
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पुलिस का कहना है कि घटना को लेकर किसी भी तरह की जल्दबाजी में निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा। तकनीकी साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर ही जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। हर बिंदु पर गंभीरता से जांच की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जिस ब्लेयर अपार्टमेंट में यह घटना हुई, वह पहले भी सुर्खियों में रह चुका है। इस अपार्टमेंट में कई वीआईपी लोग रहते हैं। वर्ष 2015 में चर्चित तारा शाहदेव मामले में आरोपित रकीबुल इसी अपार्टमेंट में रहता था।उस समय प्रशासन द्वारा तारा शाहदेव को इसी अपार्टमेंट से मुक्त कराया गया था, जिसके बाद यह अपार्टमेंट काफी चर्चा में आया था। फिलहाल पुलिस अनुराग सरावगी मामले में सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण।







