पटनाः चिराग पासवान और आनंद मोहन के बीच जुबानी जंग एक बार फिर से शुरू हो गई है। ये जुबानी जंग दोनों खुद नहीं लड़ रहे हैं बल्कि चिराग की ओर से उनके जीजा सांसद अरूण भारती और आनंद मोहन की ओर से उनके बेटे चेतन आनंद लड़ रहे है।
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NDA के बड़े नेताओं के बीच चल रहा शीतयुद्ध कई मोर्चो पर खुला हुआ है। एक ओर चिराग पासवान के के बहनोई जमुई सांसद अरूण भारती केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर निशाना साधते रहते है तो दूसरी ओर आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद चिराग पासवान हमला बोलते नजर आते है। इस बार मौका चिराग पासवान को मिला तो उनके बहनोई अरूण भारती मौका गवांने वाले नहीं थे। पटना AIIMS में चेतन और उनकी पत्नी के साथ डॉक्टरों की हुई नोंकझोंक और एफआईआर के बाद अरूण भारती ने चेतन आनंद पर हमला बोल दिया।
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अरूण भारती ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आरजेडी के बहाने आनंद मोहन के परिवार को लपेटे में ले लिया। उन्होने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि राजद के लोग दबंगई और 90 के दशक वाले जंगल राज की वापसी के लिए इस कदर बेताब हैं, कि उसका ट्रेलर पहले सड़कों पर और अब अस्पताल में चल रहा है। एम्स पटना में राजद विधायक द्वारा डॉक्टरों पर गुंडागर्दी की नुमाइश- यह साफ बताता है कि जंगल राज इनके लिए अतीत नहीं, बल्कि आज भी जीवित विचारधारा है। इस सोच के पहले शिकार डॉक्टर बने, और अब डॉक्टरों की हड़ताल के बाद मरीज बन रहे हैं।
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अरूण भारती को भलीभांति पता है कि चेतन आनंद जरूर शिवहर की सीट से विधानसभा का चुनाव जीतकर आये लेकिन जब नीतीश महागठबंधन से अलग होकर एनडीए के साथ गए तो चेतन आनंद आरजेडी की जगह एनडीए के साथ विधानसभा में शक्तिपरीक्षण के दौरान नजर आये। तब से लेकर अभी मानसून सत्र तक चेतन सत्ता पक्ष यानी एनडीए के साथ है लेकिन आरजेडी के बहाने उन्होने आनंद मोहन के बेटे को टारगेट पर ले लिया।
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आनंद मोहन और चिराग पासवान के बीच राजनीति लड़ाई लोकसभा चुनाव के बाद से ही जारी है। यहीं नही इसमें एक तीसरा कोन जीतन राम मांझी का भी है। आनंद मोहन और जीतन राम मांझी के निशाने पर चिराग पासवान और चिराग के निशाने में आनंद मोहन और जीतन राम मांझी रहे है। लोकसभा चुनाव के बाद चेतन आनंद ने चिराग पासवान पर निशाना साधते हुए कहा था कि आप एनडीए के साथ हैं या नहीं हैं ये स्पष्ट करें और प्रशांत किशोर के साथ कोई डील हुई थी या नहीं। चेतन ने जीतन राम मांझी की बहू की सीट इमामगंज और शिवहर लोकसभा चुनाव के दौरान लवली आनंद के लिए चुनाव प्रचार नहीं किये जाने को लेकर चिराग पर हमला बोला था। इसके बाद लगातार चिराग पासवान की ओर से उनके बहनोई अरूण भारती पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर हमला बोलते रहे है, इस बार उन्हे आनंद मोहन के परिवार पर हमला बोलने का मिला तो उससे भी वो नहीं चूके। विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के नेताओं के बीच जारी बयानबाजी का गठबंधन पर क्या असर पड़ेगा ये आने वाले समय में पता चलेगा।






