पटनाः गुरूवार सुबह पटना के पारस अस्पताल में हुए शूटआउट में मारे गये कुख्यात चंदन मिश्रा हत्याकांड में पुलिस को पहली सफलता मिली है। पुलिस ने पारस अस्पताल के कमरा नंबर-206 में घुसकर चंदन मिश्रा को गोली मारने वाले सभी पांच शूटर्स की पहचान कर ली है।इस हत्याकांड में गैंगवार के साथ-साथ एक और एंगल है वो है दोस्ती के दुश्मनी में बदलने का एंगल। शेरू गैंग और चंदन मिश्रा कभी अच्छे दोस्त थे। दोनों ने कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रखा। छोटे-मोटे अपराध करते हुए दोनों ने एक गैंग बनाया। दोनों ने मिलकर बहुत सारी अपराध की घटनाओं को अंजाम दिया। दोनों हत्या के मामले में भागलपुर जेल में बंद थे, जहां दोनों के बीच झगड़ा हुआ। इसके बाद दोनों दोस्त दुश्मन बन गए।
पटना में अपराधी बेखौफ, पारस अस्पताल में चली गोली, पैरोल पर जेल से छूटकर आए गैंगस्टर को मारी गोली
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शूटआउट को लीड करने वाला और इन पांचों अपराधियों में सबसे आगे दिखना वाला तौसीफ बादशाह है। तौसीफ खुद को बादशाह कहलवाता है और जमीन कारोबार के साथ साथ सुपारी किलिंग का काम भी करता है। तौसीफ ने शूटआउट के समय सफेद पिंटेड शर्ट और नीली रंग की जींस पहली हुई थी। वो शूटआउट को लीड कर रहा था और बिना टोपी के ही चंदन मिश्रा के कमरें में दाखिल हुआ था।
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तौसीफ बादशाह पटना के सेंट कैरेन्स स्कूल का पढ़ा-लिखा है और वर्तमान में फुलवारी शरीफ इलाके में जमीन का कारोबार करता है। वह लोगों के बीच खुद को ‘बादशाह’ के नाम से पहचानता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार तौसीफ का गैंग सुपारी लेकर हत्या करता है। आशंका है कि चंदन मिश्रा की हत्या भी सुपारी किलिंग के तहत करवाई गई थी।
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तौसीफ के अलावा उसके चार अन्य साथियों की पहचान भी पुलिस ने कर ली है, लेकिन अभी आधिकारिक रूप से नाम उजागर नहीं किए गए हैं। पुलिस की कई टीमें लगातार अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही हैं फुलवारी शरीफ क्षेत्र से भी कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठाया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस हत्याकांड से जुड़े और भी पहलुओं की जांच जारी है।


