रांची: कांग्रेस विधायक दल के नेता और मंत्री आलमगीर आलम को ईडी ने बुधवार की शाम को गिरफ्तार कर लिया। अरेस्ट किये जाने के बाद मेडिकल टीम मंत्री के स्वास्थ्य जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर पहुंची। स्वास्थ्य जांच के बाद डॉक्टर ने बताया कि मंत्री की बीपी पहले से बढ़ गया है। उन्होने कहा कि मंत्री पहले से ही बीपी और सुगर की दवाई लेते रहे है। मेडिकल टेस्ट में वो फीट है।

ईडी द्वारा गिरफ्तार किये जाने के बाद मंत्री आलमगीर आलम के परिवार को प्रवर्तन निदेशालय की ओर से जानकारी दे दी गई उसके बाद परिवार के सदस्य दवाई लेकर ईडी दफ्तर पहुंचे। मंत्री की गिरफ्तारी के बाद ईडी ऑफिस के बाहर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मंत्री की गिरफ्तारी के बाद बीजेपी ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। पार्टी के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि झारखंड करप्शन लीग के ठग बंधन टीम के कप्तान का विकेट पहले ही गिर चुका था। आज उपकप्तान का भी विकेट गिर गया। अब देखे विकेटकीपर की बारी आती है या किसी और की?

घंटो पूछताछ के बाद आलमगीर गिरफ्तार
टेंडर कमीशन घोटाले में मनी लांड्रिंग के तहत अनुसंधान कर रही ईडी ने बुधवार को संसदीय कार्य मंत्री सह ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम (Alamgir Alam Arrest) गिरफ्तार कर लिया है। दिनभर चली पूछताछ के बाद शाम करीब साढ़े छह बजे ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया है। उन्हें गुरुवार को पीएमएलए कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा, जहां से ईडी उन्हें रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट से आग्रह करेगी। मंत्री आलमगीर आलम पर ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के टेंडर में कमीशन वसूलने का आरोप है। ईडी ने जांच में उनके विरुद्ध भारी मात्रा में मनी लांड्रिंग का मामला पकड़ा, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया। टेंडर कमीशन घोटाले में नौवीं गिरफ्तारी के रूप में मंत्री आलमगीर आलम गिरफ्तार हुए हैं। पूर्व में उनके निजी सचिव, पूर्व मुख्य अभियंता सहित आठ आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
Alamgir Alam के पीएस के नौकर यहां से मिले थे करोड़ों
गत छह मई को उनके निजी सचिव संजीव लाल व संजीव लाल के नौकर जहांगीर आलम की गिरफ्तारी के बाद से ही विभागीय मंत्री आलमगीर आलम की गिरफ्तारी की आशंका बढ़ी हुई थी। संजीव लाल व जहांगीर आलम 18 मई तक ईडी की रिमांड पर हैं। नौकर जहांगीर आलम के हरमू रोड स्थित फ्लैट से कुल 32 करोड़ 20 लाख रुपये बरामद किए गए थे, वहीं उनसे जुड़े ठिकानों से करीब छह करोड़ रुपयों की बरामदगी हुई थी। पूर्व में गिरफ्तार आरोपितों व गवाहों ने पूछताछ में ईडी के सामने यह स्वीकारा था कि ग्रामीण विकास विभाग में नीचे से ऊपर तक के अधिकारियों में टेंडर कमीशन का पैसा बंटता था। संजीव लाल व जहांगीर आलम के ठिकानों से बरामद रुपयों में अधिकतर रुपये मंत्री आलमगीर आलम के बताए गए हैं। पूछताछ में पुष्टि के बाद ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया है।




